अंबेडकरनगर। साधन सहकारी समितियों एवं सहकारी संघों से यूरिया लेने के लिए किसानों को खतौनी दिखानी होगी। उन्हें फसल के रकबे के मुताबिक ही यूरिया दी जाएगी। पीओएस मशीन पर किसानों का अंगूठा भी लगया जाएगा। इस बारे में शनिवार को जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने समितियों के सचिवों के साथ खाद विक्रेताओं को भी निर्देश दिए हैं।
धान की रोपाई करने के बाद किसानों को फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। जिले की अधिकांश सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं। दूसरी तरफ विभागीय अधिकारी यूरिया उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। इस बीच जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को यूरिया बिक्री के संबंध में सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं।
निर्देश के मुताबिक कहा कि निजी खाद विक्रेता यूरिया के साथ किसानों को जिंक, सल्फर आदि की बिक्री न करें। सभी विक्रेता अपनी दुकान पर स्टाक की उपलब्धता और रेट का बोर्ड जरूर लगाएं। किसानों को पॉस मशीन से खाद की बिक्री करने के साथ उसकी रसीद जरूर दें। खाद खरीदने वाले किसानों का नाम, पता व मोबाइल नंबर उर्वरक वितरण रजिस्टर में दर्ज करेंगे।
इनसेट
परेशानी होने पर कंट्रोल रूम में करें कॉल
कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में यूरिया, फास्फेटिक व एनपीके की लक्ष्य एवं जरूरत से अधिक उपलब्धता है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। खाद मिलने में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान कृषि भवन में स्थापित कंट्रोल रूम 9455485475 में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।