राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट के साथ तटीय इलाकों में कटान में तेज हो गई है। रविवार को माझा कम्हरिया के सात किसानों के छह बीघा खेत नदी में समा गए। एक दिन पहले ही चार बीघा खेत नदी की कटान की भेंट चढ़ गए थे। दूसरी तरफ प्रसाद कुर्मी का पूरा गांव के रास्ते पर भरे पानी में नाव चल रही है।
सरयू नदी के जलस्तर में दो दिन से कमी हो रही है। इससे बाढ़ को लेकर परेशान आलापुर क्षेत्र के माझा इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली। दूसरी तरफ कटान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को माझा कम्हरिया ग्राम पंचायत के पुरवों के छह किसानों के चार बीघा खेत नदी में समा गए थे।
नदी के पानी में गिरावट के साथ कटान का दौर रविवार को भी जारी रहा। इसके चलते माझा कम्हरिया के रामपलट, रामशबद, रामजीत, रामलखन, दयाराम निषाद, बद्री निषाद और रामअचल के छह बीघा खेत नदी में समा गए। किसानों का कहना है कि कटान को देखते हुए उनके अन्य खेतों के भी नदी में समाने का आशंका बढ़ गई है।
दूसरी तरफ प्रसाद कुर्मी का पूरा व पटपरवा गांव के मार्ग पर अभी भी नदी का पानी भरा है। इससे ग्रामीणों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए प्रसाद कुर्मी का पूरा में रविवार को भी नाव का संचालन जारी रहा।
संक्रामक रोग फैलने की आशंका
जलस्तर में कमी होने के बाद संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। अराजी देवारा के मित्रसेन, पल्टूराम, रामसजीवन, गंगाराम व संदीप ने संक्रामक रोगों पर अंकुश पाने के लिए प्रभावित क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव किए जाने की मांग की। इसके साथ ही शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाए।
कटान पर रखी जा रही नजर
नदी के जलस्तर में लगातार कमी हो रही है। कुछ क्षेत्रों में कटान होने की जानकारी मिली है। इस पर निगाह रखी जा रही है।
-डॉ. सदानंद गुप्ता, एडीएम