अंबेडकरनगर। जनसंपर्क अधिकारी के पद पर नियुक्ति का फर्जी पत्र लेकर जालसाज कलेक्ट्रेट पहुंच गया। संदेह होने पर अधिकारियों ने पुलिस को बुला लिया। पूछताछ में जालसाज ने बताया कि उसे फर्जी नियुक्ति पत्र उसके दोस्त ने पौने दो लाख रुपये लेकर दिया था। केस दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जालसाज बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों से मिला था। उसने अपनी नियुक्ति जनसंपर्क अधिकारी के पद पर शासन से होने की जानकारी दी। नियुक्ति पत्र दिखाया तो अधिकारियों को संदेह हुआ। उन्होंने पुलिस को बुला लिया। अकबरपुर कोतवाली पुलिस ने पूछताछ की तो उसकी पहचान बहराइच जनपद के मोतीपुर क्षेत्र के शाहपुर निवासी बलराम वर्मा के रूप में हुई।
पुलिस को बलराम ने बताया कि नियुक्तिपत्र उसके दोस्त नीरज यादव निवासी संदना जनपद सीतापुर ने दिया था। नीरज ने खुद को सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात होना बताया था। एक लाख 80 हजार रुपये लेकर उसने बलराम को नियुक्ति पत्र दिया। पुलिस ने उसके दोस्त नीरज को भी पकड़ लिया। नीरज ने बताया कि गूगल का सहारा लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र व हस्ताक्षर आदि तैयार किए। इसके बाद अंबेडकरनगर में तैनात एक एसडीएम से अपना परिचय होने का हवाला देकर बलराम को अकबरपुर भेज दिया। कलेक्ट्रेट के सामान्य सहायक अनुज कुमार मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया।