अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर के अयोध्या मार्ग पर लगने वाले जौनपुरिया मेले में शनिवार को आस्था का सैलाब उमड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लहबड़ की विशेष पूजा अर्चना की। माथा टेका, मन्नत मांगी और मिठाई व फल का भोग लगाया। ढोल नगाड़ों के बीच झूमते श्रद्धालु जयकारे लगा रहे थे। इस बीच बच्चों ने जहां झूले आदि मनोरंजन के साधनों का तो वहीं युवाओं ने थिएटर का आनंद उठाया।
अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा से लेकर अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर फायर ब्रिगेड के निकट तक लगने वाले जौनपुरिया मेले में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। समय बीतने के साथ ही तापमान में तो वृद्धि होने लगी लेकिन श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भीषण गर्मी भी उनके कदमों को नहीं रोक सकी। युवक, युवतियों, महिलाओं, पुरुषों, बच्चों, बुजुर्गों ने मेले में जगह-जगह स्थापित लहबड़ की विशेष पूजा अर्चना की। मिठाई चढ़ाई। मन्नत मांगी और माथा टेका। कुछ ने तो बच्चों का मंडन रस्म की भी अदायगी की।
आगे आगे लहबड़ (बड़े बड़े डंडे में लगे झंडे) लेकर चलते लोगों के पीछे ढोल नगाड़े बजाते हुए युवक युवतियां थिरकते हुए नजर आए। दिन में तो ग्रामीण क्षेत्र के श्रद्धालु मेले में पहुंचे लेकिन शाम होते होते नगर के भी लोग परिवार के सदस्यों के साथ मेले में पहुंचकर आनंद उठाया।
गुड़ की जलेेबी व तरबूज की हुई बिक्री
वैसे तो मेले में तरह-तरह की दुकानें लगी हुई थीं, जहां पहुंचकर लोगों ने मनपसंद सामग्रियों की खरीदारी लेकिन गुड़ से बनने वाली जलेबी व तरबूज मेले का मुख्य आकर्षण रहा। श्रद्धालओं ने जलेबी का खूब लुत्फ उठाया तो मेले से वापस लौटते समय तरबूज की खरीदारी करना भी नहीं भूले। तरबूज विक्रेता मनु सोनकर ने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में अधिक तरबूज की बिक्री हुई। हालांकि इसके दाम में वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा दैनिक जीवन के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की भी लोगों ने बढ़ चढ़कर खरीदारी की।
झूले का जमकर उठाया लुत्फ
मेले में लगे विभिन्न प्रकार के झूलों का युवाओं व बच्चों ने जमकर आनंद उठाया। चर्खी झूला मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। झूला संचालक गफूर ने कहा कि उम्मीद के अनुरूप ही बड़ी संख्या में लोगों ने झूला का आनंद उठाया। इसके अलावा थिएटर में पहुंचकर युवाओं ने बढ़ चढ़कर आनंद उठाया।
बैरियर लगाकर किया रूट डॉयवर्जन मेले को सकुशल व शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। पुराने तहसील तिराहा के निकट बैरियर लगाकर रूट डॉयवर्जन किया गया था। अयोध्या से आने वाले बड़े वाहनों को अन्नावा बजार से श्रवणक्षेत्र की तरफ मोड़ दिया गया था जबकि छोटे वाहनों को लाल ब्रदर्स पेट्रोलपंप के निकट ही रोक दिया जा रहा था। पुलिसकर्मी मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे।