अंबेडकरनगर। कार्यालय में रुपये लेते वीडियो वायरल होने के बाद भी अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में तैनात संविदा लिपिक को बचाने की कोशिशें सफल नहीं हो पाईं। विभागीय निदेशक की फटकार के बाद अब संबंधित कर्मी को कार्यमुक्त कर दिया गया है। इससे उसकी संविदा सेवा समाप्त हो गई है।
विकास भवन स्थित जिला अल्पसंख्यक कार्यालय में तैनात संविदा लिपिक सरोज निषाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह कार्यालय स्थित अपनी कुर्सी पर बैठे हुए ही एक व्यक्ति से रुपये लेता देखा गया। वीडियो वायरल हुआ तो जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। लेकिन जिले में तैनात एक अधिकारी के परिवार का सदस्य होने के चलते संबंधित लिपिक पर कार्रवाई नहीं की गई।
यह अपने आप में इकलौता ऐसा मामला रहा, जिसमें रकम लेते वीडियो वायरल होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। इसे लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं। जिलास्तर पर कार्रवाई न होते देख कुछ प्रभावशाली लोगों ने शासन तक मामला पहुंचा दिया। इस पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग निदेशक जे रीमा ने आउट सोर्सिंग संस्था डिग्नस सर्विसेज के प्रबंधक निदेशक को पत्र लिखकर कहा कि तात्कालिक प्रभाव से सरोज निषाद को वापस किया जा रहा है। अब उनकी सेवा की जरूरत नहीं है। विभागीय निदेशक के इस पत्र के साथ ही संबंधित कर्मी सरोज निषाद को अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से सेवा मुक्त कर दिया गया।