अंबेडकरनगर। अशरफपुर बरवां उपकेंद्र में अलग-अलग गड़बड़ी से लगभग 30 घंटे तक एक लाख आबादी की बिजली आपूर्ति लगभग ठप रही। बीच में कुछ देर के लिए आपूर्ति वैकल्पिक प्रबंधों से बहाल हुई लेकिन वह टिक नहीं पाई। नतीजा यह रहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पेयजल से लेकर कई अन्य तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार दोपहर बाद तीन बजे से अशरफपुर बरवां उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं की मुश्किलें शुरू हुईं। पहले उपकेंद्र में तकनीकी गड़बड़ी आ गई। कई घंटे बाद गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति रात साढ़े 10 बजे कर्मचारी बहाल कर सके। इसके एक घंटे बाद ही बिजली दोबारा गुल होने से मरथुआ, यरकी, अचकवा, खजांवा, हरीपुर, बेलाबाग, भरथुआ, जैनपुर, खेंवार, नंदूपुर समेत 50 गांव अंधेरे में डूब गए। रात करीब 12 बजे वैकल्पिक प्रबंधों से बिजली आने पर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली।
शनिवार भोर तीन बजे बिजली एक बार फिर से ठप पड़ गई। इस बार ग्रामीण क्षेत्र के अलावा कुछ शहरी क्षेत्र भी प्रभावित हुआ। कई जागरूक उपभोक्ताओं ने विभाग के अभियंताओं को फोन किया, लेकिन किसी का भी फोन नहीं उठा। ग्रामीणों को लगा कि कोई छोटी गड़बड़ी होगी, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। सुबह भी जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो लोगों ने बिजली विभाग के आलाधिकारियों को फोन करना शुरू किया। तब उन्हें 11 हजार मुख्य लाइन पर पेड़ गिरने की जानकारी हुई। बताया गया कि पेड़ की डाल से तीन बिजली के खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उसे ठीक करने के लिए कर्मचारी जुटे लेकिन इस काम में सुबह से शाम लगा दिया। शाम के समय आपूर्ति बहाल की गई।
पानी के लिए होना पड़ा परेशान
बिजली नहीं आने से सबसे ज्यादा लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। गृहणियोंं को घरेलू कामकाज में मुश्किल हुई। लोगों ने दूर दराज लगे हैंडपंप से पानी भरकर कामकाज निपटाए।
नहीं हो पा रही फसल की सिंचाई
बेलाबाग के किसान दीनानाथ ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उपकेंद्र पर बराबर फाॅल्ट बने रहने से धान की सिंचाई नहीं हो पा रही है। भरथुआ के सतीश कुमार ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती के चलते डीजल पंप से सिंचाई महंगी पड़ रही है। इस बार मुनाफा भी घट जाएगा। जैनपुर निवासी संजय वर्मा ने बताया कि धान के खेत में पानी सूख गया है, बिजली नहीं आने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। यदि कुछ दिन यही हाल रहा तो धान की फसल चौपट हो जाएगी।
बिजली के तार पर पेड़ गिरने से कई खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसे ठीक कराने के लिए बिजलीकर्मियोंं को लगाया गया। शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। -गिरीश नरायण मिश्र, अधीक्षण अभियंता