अंबेडकरनगर। बिजली के ढीले तारों के आपस में टकराने से बृहस्पतिवार सुबह टिकरी गांव में शाॅर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते कई तार टूट कर जहां-तहां गिरने लगे। इनकी चपेट में आकर पांच लोग झुलस गए। वहीं इस हादसे से तीन दर्जन से अधिक घरों में करीब चार लाख के बिजली उपकरण नष्ट हो गए। घटना से नाराज ग्रामीणों ने बिजली घर के सामने अकबरपुर जौनपुर मुख्य मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। लाइनमैन को उपकेंद्र से अन्यत्र तैनात कर ग्रामीणों को शांत कराया गया। डीएम व एसपी ने बाद में जिला अस्पताल पहुंचे और गंभीर रूप से घायल किशोर का हाल जाना।
जाफरगंज उपकेंद्र से टिकरी गांव को होने वाली बिजली आपूर्ति के तार सुबह करीब नौ बजे एक अन्य फीडर के तार से चिपक गए। इससे टिकरी गांव में अचानक शाॅर्ट सर्किट होने लगा। घरों में लगे बिजली के उपकरण एक-एक कर फुंक गए। तार भी टूटकर जहां तहां गिरने लगे। इससे करंट की चपेट में आकर गांव निवासी सत्यम (11) तथा उसके चाचा मुकेश (27) झुलस गए। कुमकुम (17) भी करंट की चपेट में आ गई। दो अन्य ग्रामीणों को भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। इससे पूरे गांव में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सत्यम की स्थिति गंभीर होते देख परिजन उसे लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे, वहां उसे भर्ती कर लिया गया। जबकि अन्य लोगों का उपचार स्थानीय खजुरी बाजार स्थित निजी चिकित्सक से कराया गया। इस हादसे से न सिर्फ टिकरी गांव बल्कि उपकेंद्र के कर्मचारियों की मनमानी से नाराज अन्य गांवों के ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया। हादसे के 15 मिनट बाद ही आक्रोशित लोगों ने बिजली उपकेंद्र के सामने अकबरपुर जौनपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया और बिजली कर्मियों पर कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही एसओ मालीपुर शिवांगी त्रिपाठी वहां पहुंचीं। उनके काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।
कुछ देर बाद अकबरपुर से एसडीओ प्रमोद सिंह व अन्य बिजलीकर्मी उपकेंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि अधिशासी अभियंता संदीप श्रीवास्तव ने प्रथम दृष्टया इस मामले में लाइनमैन उमाशंकर यादव की चूक मानते हुए अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया है। ग्रामीणों का आक्रोश शांत कराते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति प्राथमिकता पर बहाल कराई जाएगी। जिन तारों के चलते यह हादसा हुआ है, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाएगा। उधर इस हादसे से सबक लेते हुए तारों को दुरुस्त करा दिया गया।
ग्रामीण की मांग, जिम्मेदारों पर दर्ज हो केस
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदारों पर केस दर्ज कराने की मांग की है। ग्राम प्रधान दीपक सिंह ने कहा कि एक दिन पहले भी तार आपस में टकरा गए थे। इसे लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों को बताया गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इससे पहले भी यह बताया जा चुका था। उन्होंने कहा कि ऐसे लापरवाह जिम्मेदारों पर वैधानिक कार्रवाई की जरूरत है। ग्रामीणों का समर्थन करने पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता सचिन आजाद पांडेय ने कहा कि उपकेंद्र के जेई से लेकर अन्य कर्मचारी पूरी तरह मनमानी करते आ रहे हैं। इसी के चलते यह हादसा हुआ है। इसमें लोगों की जान तक जा सकती थी। ऐसी लापरवाही में केस दर्ज कर जिम्मेदारों को गिरफ्तार कराया जाए। ग्रामीण श्यामलाल व रविकांत ने कहा कि इस उपकेंद्र से जुड़े सभी फीडर के उपभोक्ता पूरी तरह से परेशान हैं।
डीएम व एसपी ने लिया जायजा
हादसे के बाद डीएम अविनाश सिंह व एसपी डॉ. कौस्तुभ ने एडीएम डॉ. सदानंद गुप्त व सीएमओ डॉ. राजकुमार के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती बालक का हाल जाना। डीएम ने चिकित्सकों को बेहतर इलाज का निर्देश दिया। उसे अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों ने डीएम को बताया कि बच्चे को संक्रमण न होने पाए इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। डीएम ने गांव में बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के साथ बहाल करने का भी निर्देश दिया।