अंबेडकरनगर। धान बेचने के लिए पंजीकरण कराने वाले लगभग आठ हजार किसानों का सत्यापन नहीं हो सका है। इसके चलते उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र ही सत्यापन नहीं किया गया तो मजबूर होकर आढ़तियों के हाथ औने-पौने दाम में धान बेचना पड़ेगा।
जिले में पहली नवंबर से धान खरीद शुरू हुई है। धान किसानों की सुविधा के लिए पांच एजेंसियों के 73 केंद्र स्थापित किए गए हैं। धान बेचने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जो क्रय नीति जारी की गई है, उसके अनुसार किसानों को ई-क्रय प्रणाली पर पंजीयन कराना होता है। पंजीकृत किसानों का राजस्व टीम द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही उनकी उपज की खरीद की जाएगी।
गौरतलब है कि जिले में लगभग चार लाख किसानों ने 1.17 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की बुआई कर रखी है। धान की बिक्री के लिए अब तक 31,383 किसानों ने संबंधित वेबसाइट पर पंजीकरण कराया है।
इनमें से अब तक 23,236 किसानों का ही सत्यापन हो सका है। 8,147 किसानों का सत्यापन नहीं हो सका है। इसमें एसडीएम स्तर पर 8,047 जबकि एडीएम स्तर पर 100 किसानों का सत्यापन लंबित है।
खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय के अनुसार एसडीएम कार्यालय में टांडा तहसील क्षेत्र में 1,721, आलापुर में 463, जलालपुर में 1,517, अकबरपुर में 3,673 व भीटी में 749 किसानों का सत्यापन लंबित है।
इसी तरह एडीएम स्तर पर टांडा तहसील क्षेत्र के 24, आलापुर के 13, जलालपुर के 17, अकबरपुर के 43 व भीटी के तीन किसान सत्यापन की बाट जोह रहे हैं।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के किसान मंगल वर्मा ने कहा कि एक साथ पांच किसानों ने सत्यापन के लिए पंजीकरण कराया था। सभी का हो गया लेकिन हमारा अब तक नहीं हुआ। उकरा के किसान रमेश कुमार ने कहा कि लगभग दस दिन पहले सत्यापन के लिए पंजीकरण कराया था। अब तक सत्यापन नहीं हो सका है।
तहसील क्षेत्र जलालपुर के रामचंदर व भीटी के राधेश्याम ने कहा कि लगभग एक पखवाड़ा पूर्व पंजीकरण कराया था लेकिन अब तक सत्यापन नहीं हो सका है। इसके चलते धान की बिक्री नहीं हो पा रही है। किसानों ने मांग करते हुए कहा कि अतिशीघ्र सत्यापन का कार्य पूरा किया जाए जिससे उपज की बिक्री की जा सके।
सत्यापन का काम तत्परता से चल रहा है। प्रतिदिन किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा रहा है। शीघ्र ही सभी का सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी