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वन विभाग की लापरवाही से सांसत में मरीजों की जान

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बसखारी (अंबेडकरनगर)। बसखारी सीएचसी के मातृ शिशु विंग में इलाज व परीक्षण के लाए आने वाली गर्भवती व बीमार महिलाओं पर वन विभाग की लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। एक पखवारा पहले परिसर में लगा पीपल का भारी भरकम पेड़ गिरकर अस्पताल की दीवार के सहारे टिका है। लगातार शिकायत के बाद भी वन विभाग की टीम गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने में उदासीन बनी है। इसके चलते ही अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिला मरीजों को जान जोखिम में डालकर आना पड़ रहा है।
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बसखारी सीएचसी के मातृ शिशु विंग भवन के सामने स्थित पीपल का एक बड़ा और पुराना पेड़ काफी समय से हादसे का सबब बना था। इससे आशंकित खतरे को देखते हुए सीएचसी प्रभारी की तरफ से वन विभाग को कई बार पत्र भेज कर पुराने व जर्जर हो चुके पेड़ को काटकर हटाने की जरूरत जताई गई थी।
वन विभाग की तरफ से इस पर कोई ध्यान नही दिया गया। बीते माह 20 सितंबर की रात अचानक यह पेड़ धराशायी हो कर सीएचसी की मातृ शिशु विंग भवन की बाउंड्री पर गिर पड़ा। इससे अंदर जाने के लिए बनी सीढ़ी भी टूट गई। हालांकि पेड़ की टूटी डाल गिरकर बाउंड्रीवाल पर टिक जाने से बड़ा नुकसान होने से बच गया।
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पेड़ गिरने के बाद उसे हटाने के लिए भी सीएचसी प्रभारी ने वन विभाग के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी पत्र लिखा है। इसके बाद भी दीवार पर गिरे पेड़ को काट कर हटाने के लिए वन विभाग की टीम अभी तक नहीं पहुंची है। इससे दीवार पर टिका पेड़ कभी भी मरीजों, तीमारदारों व चिकित्सकों के लिए बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मारकंडेय प्रसाद का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्पताल प्रशासन ने डाल की छटाई कराकर आवागमन बहाल कराया है लेकिन पेड़ को काटकर हटाने का कार्य वन विभाग नही कर रहा है।
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