मातृत्व शिशु विंग में लगी महिलाओं की भीड़। -संवाद
वैकल्पिक व्यवस्था कर बुलाई गई चिकित्सक, फिर हुआ इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में तैनात महिला चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। शनिवार को ड्यूटी के बावजूद डॉ. भानुमती व डॉ. प्रिया ओपीडी में नहीं पहुंची। इससे इलाज के लिए पहुंचीं महिलाओं को घंटों इंतजार के बाद इधर-उधर भटकना पड़ा। बाद में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एनआरसी प्रभारी डॉ. रीना ने अकेले ही इन महिलाओं को देखा।
मातृ शिशु विंग में महिलाओं के बेहतर इलाज के लिए डॉ. भानुमती, डॉ. संगीता, डॉ. शालू, डॉ. प्रिया, डॉ. स्नेहलता व डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव की तैनाती है। इसके बावजूद डॉक्टरों की मनमानी के चलते ओपीडी में अक्सर कोई भी चिकित्सक नहीं पहुंचती है जबकि ओपीडी में हर दिन औसतन दो सौ महिलाएं आती है। शनिवार को भी ओपीडी ड्यूटी में तैनात डॉक्टरों के न पहुंचने के कारण परीक्षण के लिए पहुंची महिलाओं को परेशानी उठाना पड़ी। इंतजार के बाद भी ड्यूटी पर तैनात डॉ. भानुमती व डॉ. प्रिया के ओपीडी में न पहुंचने पर इसकी शिकायत सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश से की गई। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एनआरसी प्रभारी डॉ. रीना राजभर को ओपीडी में मरीजों को देखने के लिए भेजा गया। इसके बाद जाकर इंतजार कर रही महिलाओं का परीक्षण शुरू हो पाया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार डॉ. शालू की ड्यूटी इमरजेंसी में थी जबकि डॉ. संगीता रात में इमरजेंसी ड्यूटी करके गई थी। डॉ. स्नेहलता प्रसव तो डॉ. अर्जिता श्रीवास्तव चाइल्ड केयर लीव पर चल रही हैं। इसी कारण ओपीडी में मरीजों को कुछ परेशानी हो रही है। दूसरी तरफ सीएमएस डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि ड्यूटी के बावजूद ओपीडी में न पहुंचने वाली दोनों चिकित्सकों से जवाब मांगा गया है कि वह समय से ओपीडी में क्यों नहीं पहुंचीं। बताया कि मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए ओपीडी में वैकल्पिक तौर पर एनआरसी प्रभारी डॉ. रीना राजभर की ड्यूटी लगा दी गई थी।