अंबेडकरनगर पर्यटन मानचित्र पर जिले को उभारने की तैयारी है। निकटवर्ती जनपद अयोध्या के हो रहे कायाकल्प के बीच यहां पार्कों और झीलों को पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। योजना यह है कि अयोध्या तक आने वाले पर्यटक इधर का भी रुख कर सकें।
भगवान राम की नगरी अयोध्या के तेजी से हो रहे विकास ने जिले में भी हालात बदलने के आसार जगाए हैं। इसका जिम्मा संभाला है डीएम अविनाश सिंह ने। उन्होंने बीते दिनों यहां कार्यभार संभालने के साथ ही यहां श्रवण क्षेत्र को डियर पार्क के तौर पर विकसित करने की मुहिम आगे बढ़ाई है। तमसा तट पर स्थित श्रवण क्षेत्र मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की समाधि स्थली के कारण खासा प्रसिद्ध है। यहां लेजर लाइट और अन्य साज-सजावट के चलते पर्यटकों को आकर्षित किए जाने की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि पेड़-पौधों की अधिकता, मंदिरों की श्रृंखला और नदी का तट होने से यह स्थान पर्यटकों को खूब भाएगा।
इसके साथ ही दरबन झील, भदौना झील और पुंथर झील को पक्षी विहार के तौर पर विकसित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है। शासन को प्रोजेक्ट भेजकर मंजूरी दिलाने की कोशिश के बीच स्थानीय संसाधनों से हालात सुधारने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें पुंथर झील पर प्रशासन करीब 20 लाख रुपये स्थानीय स्तर से खर्च कर उसे पर्यटकों के घूमने लायक बनाने जा रहा है। कई अन्य प्रोजेक्ट पर भी प्रशासन विचार कर रहा है। इसके चलते अगले कुछ समय में यह जनपद भी पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभरता दिख सकेगा।
बढ़ाई जा रही हैं सुविधाएं
जिले में सुविधाएं बढ़ाने पर पूरा जोर है। पर्यटन के क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं जिन पर तेजी से काम हो रहा है। कोशिश है कि आने वाले दिनों में यह स्थल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन सकें। - अविनाश सिंह, डीएम