बनेगा पक्षी विहार व पर्यटक स्थल, प्रदेश सरकार ने डीपीआर को दी मंजूरी
लगाए जाएंगे झूले, पार्किंग स्थल व सीढि़यों का होगा निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। तीन सौ एकड़ में फैली जिले की सबसे बड़ी दरवन झील का पक्षी विहार व पर्यटक स्थल के तौर पर पौने पांच करोड़ रुपये से विकास होगा। प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए डीपीआर को मंजूरी दे दी है। अयोध्या धाम के नजदीक होने के चलते वहां आने वाले श्रद्धालुओं को यहां पर्यटन की दृष्टि से आकर्षित करने के लिए इस परियोजना पर काम किया जा रहा है। यहां साइबेरियन समेत कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी प्रवास पर आते हैं।
प्रदेश की चंद बड़ी झीलों में से एक दरवन के विकास को लेकर बीते कुछ दिनों से जिला प्रशासन ने विशेष मुहिम छेड़ रखी है। यूं तो पूर्व में कई बार इसके सुंदरीकरण को लेकर आवाज उठी लेकिन सार्थक नतीजा नहीं आया। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही डीएम अविनाश सिंह ने ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने स्वयं झील में उतरकर सफाई का वृहद अभियान कई चक्र में चलाया तो वहीं जन सहयोग से झील को संवारने का भी काम शुरू कराया। इसके साथ ही अलग अलग विभागों के साथ मिलकर एक विस्तृत डीपीआर तैयार कराकर शासन को भेजा।
सोमवार को प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग ने चार करोड़ 75 लाख की राशि से कई प्रमुख कार्य कराने का निर्णय लिया है। यहां चूंकि साइबेरियन समेत कई तरह के दुर्लभ प्रजाति के प्रवासी पक्षी आते हैं। ऐसे में उनके लिए यहां एक टीला बनाया जाएगा। बच्चों के लिए कई तरह के झूले, चार कॉटेज, सीढि़यां तथा पार्किंग स्थल आदि का निर्माण होगा।
झील को इस तरह विकसित किया जाएगा कि स्थानीय लोगों का रोजगार बढ़े और पर्यटन की दृष्टि से भी लोगों को बेहतर एहसास हो सके। मंत्री ने कहा कि सरकार का विशेष फोकस इको टूरिज्म पर है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम चर्चित महत्व के स्थलों को चिह्नित कर उन्हें पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
अयोध्या के निकट का मिलेगा लाभ
दरवन झील को विकसित कराने की जो कार्य योजना बनाई गई है उसका बड़ा लाभ आगामी दिनों में दिखेगा। अयोध्या धाम से झील की दूरी 30 किमी. के करीब है। ऐसे में वहां आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक यहां तक इस पक्षी विहार व पर्यटक स्थल का आनंद उठाने आएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन सभी संभव प्रयास आगे और मजबूती से करेगा। अविनाश सिंह, डीएम