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सहकारी समितियों पर डीएपी व यूरिया उपलबेध नहीं

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बसखारी स्थित साधन सहकारी समिति। -संवाद - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई करने वाले लगभग चार लाख किसान मुश्किल में हैं। अब जबकि सरसों, आलू, चना, मटर की बोआई हो रही है और आगामी दिनों में गेहूं की बोआई होनी है तो ऐसे में समितियों से डीएपी खाद के पूरी तरह से नदारद होने से किसानों की दिक्कत बढ़ गई है।
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मौजूदा समय में दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई तेजी से चल रही है। ज्यादातर किसानों ने चना, मटर, आलू व सरसों की बोआई कर ली है जबकि आगामी दिनों में गेहूं की भी बोआई की जाएगी। इसके लिए किसान खेत तैयार करने में जुट गए हैं। इन सबके बीच किसानों की चिंता खाद को लेकर बढ़ गई है।
जिले की 93 समितियों से खाद लगभग पूरी तरह नदारद है। खाद की जरूरत को देखते हुए बीते दिनों डीएम सैमुअल पॉल एन ने पीसीएफ गोदाम बरधाभिउरा में मौजूद 975 एमटी खाद को समितियों पर भेजे जाने का निर्देश दिया था। लगभग चार लाख किसान दलहनी व तिलहनी फसलों की बोआई करते हैं। ऐसे में यह खाद ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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कृषि विभाग के अनुसार 725 एमटी खाद का वितरण समितियों के जरिये कर दिया गया है। 250 एमटी खाद भी समितियों पर भेजी जा रही है। संभावना है कि शीघ्र ही जिले को खाद मिल जाएगी। जिले को आठ हजार एमटी खाद उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। 5200 एमटी खाद अविलंब उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
साधन सहकारी समिति जलालपुर, बड़ागांव, रुकुनुद्दीनपुर, अशरफपुर मजगवां समेत कई अन्य समितियों पर सोमवार को पूरी तरह सन्नाटे का माहौल रहा। सभी समितियों से डीएपी खाद नदारद थी। लगभग सभी समितियों के प्रभारियों ने कहा कि डीएपी नहीं है। इस बीच मंगुराडिल स्थित समिति पर पहुंचे किसान गुरुप्रसाद ने कहा कि बड़ी उम्मीदों के साथ डीएपी लेने आए थे। मायूसी हाथ लगी। अब निजी दुकानों से खाद लेनी पड़ेगी। बड़ागांव के अनिल व किशुनपुर कबिरहा के राजेंद्र कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते खाद मिल जाए तो काफी हद तक मुश्किलें दूर हो सकती हैं।
विकास खंड बसखारी में कुल नौ समितियां हैं। मौजूदा समय में किसी भी समिति पर डीएपी खाद नहीं है। सोमवार को साधन सहकारी समिति अजमेरी बादशाहपुर व तुरसमपुर पर केंद्र प्रभारियों ने बताया कि बीते दिनों कुछ बोरी खाद आई थी। पांच दिन पहले ही समाप्त हो गई। अब फिर कब आएगी, पता नहीं है। अजमेरी बादशाहपुर समिति पर खाद लेने के लिए आए संतराम व बाबूलाल ने रोष जताते हुए कहा कि मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब निजी दुकान से खाद लेनी पड़ेगी।
साधन सहकारी समिति भीटी, पीसीएफ गोदाम भीटी, साधन सहकारी समिति सुमेरपुर में भी डीएपी खाद नहीं है। इन समितियों के प्रभारियों ने बताया कि संभावना है कि एक सप्ताह के अंदर खाद आ जाएगी। जैतूपुर के रिंकू सिंह व उमरावां के विनोद सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में आलू, चना, मटर, गेहूं, सरसों की बोआई हो रही है। इसके लिए डीएपी की जरूरत है। जिम्मेदारों को किसानों का हित देखते हुए ठोस कदम उठाना चाहिए।
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खाद की उपलब्धता के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि एक सप्ताह में खाद जिले को उपलब्ध हो जाएगी।
-सुनील कुमार, पीसीएफ प्रबंधक
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