जलालपुर थाना क्षेत्र के अफताबाद निवासी निशा यादव अपनी दो पुत्री अंजू (6) व तन्नू (4) के साथ अपने मायके बसखारी थाना अन्तर्गत बुकिया मरौचा गांव में रहती है। उसका पति नरेंद्र मुंबई में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। अंजू प्राथमिक विद्यालय बुकिया मरौचा में कक्षा एक की छात्रा थी।
बताया जाता है कि नाम न लिखा होने के बाद भी छोटी बहन तन्नू भी बड़ी बहन के साथ स्कूल जाया करती थी। प्रतिदिन की तरह शुक्रवार को भी दोनों बहनों को उनके मामा संदीप यादव ने विद्यालय लाकर छोड़ा था। दोपहर साढ़े 11 बजे स्कूल से परिवारीजनों को सूचना मिली कि अंजू यादव विद्यालय से सटे तालाब में डूब गई है।
जानकारी मिलते ही परिवार के सदस्य व अन्य ग्रामीणों तालाब पर पहुंचे। ग्रामीणों ने अंजू के शव को तालाब से बाहर निकाला। शव देखते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। इस बीच परिवारीजनों को छोटी बहन तन्नू की फिक्र होने लगी। उन्होंने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी।
काफी देर तक जब उसका कुछ पता नहीं चला, तो कुछ युवकों ने तालाब में कूदकर उसकी तलाश शुरू कर दी। लगभग आधे घंटे के प्रयास के बाद तन्नू का शव भी तालाब में ही मिल गया। एक साथ दो सगी बहनों की मौत से परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। इस बीच सूचना मिलने पर एसओ बसखारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
परिवारीजनों ने घटना को लेकर विद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संदीप का कहना है कि जब दोनों बहनें अंजू व तन्नू विद्यालय में थीं तो वे तालाब तक कैसे पहुंची । कहा कि विद्यालय में अध्यनरत छात्र छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी विद्यालय प्रधानाध्यापक व शिक्षकों की है।
कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसमें जो भी जिम्मेदार हो, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उधर प्रधानाध्यापिका उर्मिला ने बताया कि उन्हें तो कुछ नहीं मालूम । घटना कैसे व किन परिस्थितियों में हुई यह उन्हें नहीं पता।
मां रो रोकर है बुरा हाल
दो पुत्रियों की मौत से उनकी मां निशा को गहरा सदमा लगा है। वह बार बार बेहोश हो रही है। उसके दो ही पुत्रियां थीं। इनकी मौत से उसका सब कुछ समाप्त हो गया। वह बार बार अपनी पुत्रियों को याद कर रही है। लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि वह उसे कैसे सांत्वना दें। घटना की सूचना पिता राजेंद्र को दे दी गई है।
प्रधानाध्यापिका समेत दो सस्पेंड
घटना के तत्काल बाद बीएसए डॉ राजबहादुर मौर्य ने अधीनस्थों के साथ विद्यालय का दौरा किया। वहां चहारदीवारी भी बनी पायी गई। विद्यालय प्रशासन की लापरवाही पाते हुए प्रधानाध्यापिका उर्मिला व एक अन्य सहायक अध्यापिका बबिता को सस्पेंड कर दिया गया।