डग्गामार और ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर मंगलवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चला। जिला मुख्यालय पर एसडीएम व सीओ के नेतृत्व में टीम ने यात्रियों को लेकर लखनऊ जा रहीं दो बसों को रोकने का प्रयास किया, तो दोनों के चालक घेराबंदी को तोड़ते टांडा की तरफ भागने लगे।
इस पर पुलिस ने दोनों बसों का पीछा दिया। उधर इब्राहिमपुर एसओ ने थाना क्षेत्र में जगह-जगह बैरीकेडिंग करा दी। लगभग एक घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों बसों को अलग-अलग स्थान पर पकड़ा जा सका। बाद में दोनों बसों को सीज कर दिया।
गौरतलब है कि प्रदेश की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री ने ओवरलोड वाहनों व बगैर कागज के सवारी ढोने वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में मंगलवार को एआरटीओ व सभी सीओ व एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
जिला मुख्यालय पर सुबह बसखारी से दो निजी बसें यात्रियों को लेकर लखनऊ जा रही थीं। जब वे अकबरपुर पहुंचीं, तो पटेलनगर के निकट पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया। इस पर दोनों के चालक यात्रियों से भरी बस लेकर अकबरपुर बस स्टेशन होते हुए इल्तिफातगंज की तरफ भागने लगे।
सीओ राघवेंद्र मिश्र ने इब्राहिमपुर थाने को सूचना देने के साथ ही दोनों बसों का पीछा शुरू कर दिया। इब्राहिमपुर एसओ अरशद सिद्दीकी ने थाना क्षेत्र के कई स्थानों पर बैरीकेडिंग कर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी।
लगभग एक घंटे के प्रयास के बाद एक बस को सेवागंज, जबकि दूसरी को बरुआजलाकी के निकट पकड़ा जा सका। बाद में यात्रियों को सरकारी वाहन से गंतव्य तक भेजकर दोनों बसों को सीज कर दिया गया।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ चले अभियान से वाहन मालिकों में हड़कंप का माहौल रहा। ज्यादातर मालिकों ने वाहन सड़क पर नहीं उतारे, तो ट्रक संचालकों ने भी ट्रक पेट्रोल पंपों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर खड़ा कर दिया।
एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि अभियान में कुल तीन निजी बस व सात छोटे यात्री वाहनों को सीज कर दिया गया। इन वाहनों के पास आवश्यक कागजात नहीं थे।