जलालपुर थाना क्षेत्र के उसमापुर मोहल्ला में सोमवार देर शाम मां लक्ष्मी व भगवान गणेश मूर्ति विसर्जन को लेकर दो अलग-अलग समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। इससे मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जानकारी होने पर जलालपुर के अलावा पांच थानों की फोर्स व पीएचसी मौके पर पहुंच गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। बाद में एएसपी व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद देर रात तमसा नदी के तट पर स्थित पक्का घाट पर प्रतिमाओं का विसर्जन हो सका। मामले में पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम लक्ष्मी व भगवान गणेश की प्रतिमाओं का तमसा नदी के पक्का घाट पर विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकली हुई थी। डीजे पर बज रहे भक्तिमय गीतों पर नाचते गाते युवक शोभायात्रा के आगे आगे चल रहे थे।
जब यात्रा उसमापुर मोहल्ला के अंदर से गुजरी, तो बताया जाता है कि कुछ युवकों ने रास्ता रोक लिया और दूसरे रास्ते से यात्रा ले जाने के लिए कहने लगे। इस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में इर्दगिर्द के लोग एकत्र हो गए।
सूचना मिलने एसओ जलालपुर परमानंद राम दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस पर जैतपुर, सम्मनपुर, बसखारी, मालीपुर थाने की पुलिस भी मौके पर बुला ली गई।
एसडीएम विवेक मिश्र व सीओ कमल सिंह यादव भी पीएसी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इस बीच एएसपी राहुलराज भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने हलका बल भी प्रयोग किया।
बाद में एएसपी व एसडीएम के प्रयास से मामला शांत हो सका। इसके बाद देर रात प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। उधर एएसपी ने किसी प्रकार का बल प्रयोग किए जाने से इंकार करते हुए कहा कि दोनों समुदाय के लोगों के बीच कुछ कहासुनी हुई थी। समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया।