जिला मुख्यालय स्थित डॉ. अशोक स्मारक पीजी कॉलेज की प्रबंधक से माफिया सरगना अजय सिंह सिपाही के नाम 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगे जाने से शुक्रवार देर शाम पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। दरअसल 24 घंटे में रंगदारी न दिए जाने पर मैनेजर व उनके परिवारीजनों को जान से मार देने की धमकी भी दी गई थी।
दो दिन पहले जिला मुख्यालय के बड़े सराफा व्यवसायी से भी 20 लाख रुपये की रंगदारी माफिया के नाम पर मांगी गई थी। मैनेजर ने देर रात पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने सर्विलांस के सहारे 24 घंटे में शनिवार सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय स्थित तमसा मार्ग पर डॉ. अशोक स्मारक इंटर कॉलेज व पीजी कॉलेज स्थित है। इसकी मैनेजर रेनू वर्मा पत्नी स्व. डॉ. अशोक हैं। 17 जून को रेंनू वर्मा के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को माफिया सरगना सिंह सिपाही बताते हुए उनसे 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
18 जून की शाम तक महरुआ में रकम नहीं पहुंचाई गई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। इससे सहमी रेनू वर्मा ने देर शाम पुलिस अधिकारियों से मिलकर मामले की जानकारी दी और केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। एसपी अजय सिंह ने इस पर स्वाट टीम तथा अकबरपुर कोतवाली पुलिस टीम को अविलंब मामले का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया।
पुलिस प्रशासन ने मैनेजर के साथ हुई घटना के बाद सक्रियता इसलिए भी बढ़ाई क्योंकि 14 जून को जिला मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध अमरदीप ज्वैलर्स से जुड़े सराफा कारोबारी महेंद्र पुत्र कामता निवासी अब्दुल्लापुर शहजादपुर थाना अकबरपुर से भी माफिया सरगना अजय सिंह सिपाही के नाम पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
साथ ही धमकी दी गई थी कि धनराशि नहीं देने पर उसके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस बीच मैनेजर से 25 लाख की रंगदारी मांगे जाने के 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी अजय सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सर्विलांस के सहारे सूचना मिली कि जिस नंबर से धमकी दी गई थी, वह महरुआ थाना क्षेत्र के पीठापुर निवासी उग्रसेन तिवारी पुत्र गयाप्रसाद तिवारी का है।
इस पर शनिवार सुबह स्वाट टीम प्रभारी संजय सिंह व कोतवाल महेंद्र सिंह की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उग्रसेन को अकबरपुर तहसील तिराहा के निकट से गिरफ्तार कर लिया। कहा कि पूछताछ के दौरान उग्रसेन ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए उसने दोनों से रंगदारी मांगी थी।