जिला मुख्यालय से होकर पशु तस्करी की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार देर शाम चार पहिया वाहन से वध प्रतिबंधित पशुओं को महरुआ से अकबरपुर ले जाए जाते समय स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को निपटाने का प्रयास किया तो उसे स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।
गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस पशुओं समेत वाहन को थाने ले आई। जानकारी के अनुसार बुधवार देर शाम महरुआ की तरफ से एक चार पहिया वाहन अकबरपुर की तरफ आ रहा था। अकबरपुर थाना अंतर्गत पहितीपुर मार्ग स्थित इंद्रलोक कॉलोनी के निकट आगे जा रही एसयूवी को टक्कर मार दिया।
इस पर स्थानीय लोगों ने घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। अपने को चारों तरफ से घिरता देख चालक व क्लीनर वाहन छोड़कर भाग खड़े हुए। स्थानीय लोग जब निकट गए तो वाहन के अंदर का दृश्य देख सन्न रह गए। वाहन में क्रूरतापूर्वक छह वध प्रतिबंधित पशुओं को रखा गया था। सभी के हाथ-पैर बंधे हुए थे।
इस बीच शहजादपुर चौकी इंचार्ज हमराह सिपाहियों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस मामले को फौरी तौर पर निपटाना चाहती थी। इस पर स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बात बढ़ती देख कुछ गणमान्य लोगों ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। बाद में कोतवाल महेंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस पशुओं समेत वाहन को थाने ले आई। कोतवाल ने बताया कि अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर देखरेख के लिए पशुओं को स्थानीय लोगों को दे दिया गया है। उन्होंने पुलिस व स्थानीय लोगों में किसी प्रकार की कहासुनी होने से इंकार किया है।