सुल्तानपुर निवासी मंशाराम हत्याकांड के मामले में पुलिस ने कटेहरी ब्लॉक प्रमुख व पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। इससे पहले दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ था।
एक सप्ताह पहले अत्यंत गोपनीय ढंग से ब्लॉक प्रमुख समेत चार लोगों का नाम विवेचना के दौरान साजिश रचने के आरोप में बढ़ा दिया गया था। गौरतलब है कि गोली लगने से हुई मंशाराम की मौत के मामले में सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाने में केस दर्ज होने के बाद विवेचना अंबेडकरनगर पहुंची थी।
उस समय मुलायम व अजय यादव को ही नामजद आरोपी बनाया गया था। मृतक की बुआ व पत्नी ने इस मामले में फोटोयुक्त शपथ पत्र देकर कहा था कि इन दोनों ने ही घटनाओं को अंजाम दिया। विवेचना तेज हुई तो एक सप्ताह पहले यह बात सामने आयी कि पुलिस ने कटेहरी ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह सिपाही का भी नाम बढ़ा दिया है।
असल में मंशाराम की मौत ब्लॉक प्रमुख के लोकनाथपुर स्थित घर में ही गोली लगने से हुई थी। पुलिस ने उसी समय ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, उनके भाई विजय सिंह, प्रधान खड़हरा रवीन्द्र पांडेय व उनके भाई गिरेन्द्र का भी नाम बढ़ा दिया था।
पुलिस इसे खुलकर स्वीकार नहीं कर रही थी लेकिन यह जानकारी आम हो हो गई थी कि पुलिस ने अपनी जांच में नाम बढ़ा दिया है। इस बीच शनिवार को सीओ भीटी सुधीर कुमार के नेतृत्व में अहिरौली, भीटी व महरुआ की पुलिस ने लोकनाथपुर, खड़हरा, जयसिंहपुर व किसनागरपुर आदि जगहों पर छापेमारी अभियान चलाया।
इसमें पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। सीओ भीटी ने छापेमारी किए जाने की पुष्टि की है।