उचित मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर शुकुलबाजार के पास ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे निर्माण से जुड़ी एजेंसी के कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और आग लगाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के हमले में पांच कर्मचारी घायल हो गए। लगभग एक घंटे तक चले हंगामे के बाद ग्रामीण वहां से चले गए। बाद में कर्मचारियों ने आलापुर थाने पहुंचकर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेने के साथ ही मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
टांडा से बसखारी व शुकुलबाजार होते हुए आजमगढ़ तक एनएच निर्माण का काम चल रहा है। ग्रामीण उचित मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। वे लगातार उचित मुआवजा दिए बिना कार्य न कराने की बात पर अड़े हैं। इसी बात को लेकर मंगलवार को बसखारी आजमगढ़ मार्ग पर स्थित भोजपुर गांव के पास ग्रामीणों की महापंचायत हुई। इसमें कहा गया कि बीते दिनों धरना प्रदर्शन के दौरान एसडीएम आलापुर ने आश्वासन दिया था कि जब तक मुआवजे को लेकर कोई निर्णय नहीं हो जाता, तब तक निर्माण नहीं होगा।
इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी है। इसके बाद महापंचायत में निर्माण कार्य रुकवाने पर सभी एकमत हुए। आक्रोशित ग्रामीणों ने हाथों में लाठी डंडा पकड़ा और निर्माणस्थल की तरफ चल पड़े। कार्यस्थल पहुंचकर ग्रामीणों ने कर्मचारियों से एसडीएम के आश्वासन का हवाला देते हुए निर्माण कार्य रोकने को कहा। इस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इस बीच लाठी-डंडों से लैस ग्रामीणों ने वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी।
इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी भागने लगे, जिन्हें ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सूचना मिलने पर जब बसखारी पुलिस पहुंची तो ग्रामीण भाग निकले। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर धनंजय सिंह, सुजीत राम, पवन सिंह, मोतीलाल व पंकज को चोटें आईं। बाद में धनंजय ने थाने पहुंचकर पुलिस को जानकारी देते हुए केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। एसओ राजेश सिंह ने बताया कि घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर छानबीन की जा रही है।