संपत्ति के लालच में भाई की हत्या के आरोपी सगे भाई के साथ ही उसकी पत्नी व पुत्र को अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अनिल कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
अकबरपुर थाना क्षेत्र के तहिरापुर गांव में रहने वाली श्यामराजी ने लगभग तीन वर्ष पूर्व अकबरपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कहा था कि वह लखनऊ में रहकर नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। उसका पति मनीराम वर्मा गांव में ही रहता था और शराब पीने का आदी था। इसी बीच उनके जेठ गंगाराम ने धोखे से उनके पति से कुछ भूमि आदि का वसीयतनामा करा लिया।
वह जानकारी पर गांव आई तो पति व गंगाराम के बीच वसीयत को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मनीराम ने उससे कहा कि शेष भूमि का वसीयतनामा वह अपनी पुत्री के नाम कर देगा। इसके बाद वह लखनऊ चली गई। कई दिनों बाद पता चला कि उसके पति का कोई खोज खबर नहीं लग रहा है। उसने गांव आकर जानकारी का प्रयास किया लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस ने मामले में तहरीर के बाद भी केस दर्ज करने में हीलाहवाली की तो महिला ने कोर्ट की शरण ली। केस दर्ज कर पुलिस ने मामले में सख्ती शुरू की तो घर के निकट एक घूर के गड्ढे में मारकर फेंका गया मनीराम का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने मामले में जेठ गंगाराम के अलावा उसकी पत्नी सरोजा देवी व गंगाराम के पुत्र अभिमन्यु के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की। इसी मामले में अब सुनवाई करते हुए अपर जनपद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अनिल कुमार ने तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।