थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में दहेज के लिए विवाहिता को पहले मार डाला फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे जला दिया गया। मृतका के पिता की तहरीर पर सास, ससुर व देवर के खिलाफ नामजद केस दर्ज कर लिया गया। घटना से मायके पक्ष के लोगों में कोहराम मचा हुआ है। उन्होंने दहेज व अन्य कारणों से विवाहिता की प्रताड़ना करते रहने का आरोप लगाया है।
महरुआ थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव में मंगलवार रात गांव निवासी कल्लूराम गुप्त के घर से चीख-पुकार की आवाज आने पर गांव में हड़कंप सा व्याप्त हो गया। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि वहां कल्लू के पुत्र रामकुमार उर्फ पंकज की 28 वर्षीय पत्नी मीनू गुप्ता का बुरी तरह जला हुआ शव पड़ा था।
रात में ही कल्लू ने मीनू के पिता सुल्तानपुर जनपद के करौंदी कला थाना अंतर्गत देवराजपुर निवासी रामयश गुप्त को फोन कर बताया कि उनकी पुत्री को कालरा हो गया है। जल्दी से गांव आ जाइए। रामयश कुछ अन्य लोगों के साथ सुबह नसीरपुर पहुंचे तो देखा कि वहां उनकी पुत्री का शव पड़ा हुआ था। यह देख मायके पक्ष के लोगों में रोना-पीटना मच गया।
कुछ देर बाद मायके पक्ष से और लोग भी आ गए। सूचना के बाद पहुंची महरुआ थाने की पुलिस टीम ने मौका मुआयना किया और आवश्यक छानबीन करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बीच प्रथम दृष्टया ही यह घटना सीधे-सीधे हत्या की प्रतीत हो रही थी। जिस कमरे में महिला का शव मिला उसमें से पेट्रोल की दुर्गंध भी आ रही थी। इससे भी हत्या का मामला जाहिर हो रहा था।
शरीर का 70 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा पूरी तरह जल जाना भी हत्या की गवाही दे रहा था। उधर मृतका के पिता ने पुलिस को दी तहरीर के जरिये कहा है कि उसकी पुत्री की गला दबाकर या किसी अन्य तरीके से पहले हत्या कर दी गई, फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को जला दिया गया। कहा गया कि दहेज के अलावा कई अन्य कारणों से उनकी पुत्री की प्रताड़ना पहले से ही की जाती रही है।
बताया गया कि मीनू का पति रामकुमार रोजगार के सिलसिले में कानपुर रहता है। घटना के समय वह गांव पर नहीं था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर ससुर कल्लूराम समेत सास व देवर के विरुद्ध जलाकर मार डालने का केस दर्ज कर लिया है। आरोपी ससुर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि अभी पुलिस उसकी गिरफ्तारी स्वीकार नहीं कर रही है।
एसओ मनबोध तिवारी ने मार कर जला देने की धारा में केस दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। बताया कि गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के पीछे मुख्य रूप से देवर राजू की भूमिका मानी जा रही है। दरअसल ससुर कल्लूराम अपने पौत्र आदर्श के साथ मुख्य घर से थोड़ी दूरी पर रात में सोता था। बुधवार रात भी वह पौत्र के साथ वहीं सोया था। कल्लूराम की पत्नी की तबियत ठीक नहीं रहती।
ऐसे में माना जा रहा है कि राजू से मीनू का किसी बात पर कोई विवाद हुआ जिसके बाद ही इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच में भी देवर पर ही शक की सुई जा रही है लेकिन तहरीर के आधार पर देवर के अलावा सास व ससुर के विरुद्ध भी केस दर्ज कर लिया गया है।
मीनू होली के एक दिन पहले ही देवराजपुर स्थित अपने मायके से नसीरपुर ससुराल आई थी। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले उसका अपने देवर राजू से विवाद भी हो गया था, हालांकि इसके बाद वह मायके चली गई थी।
होली से पहले देवर ही उसके मायके गया और मीनू के साथ उसके पांच वर्षीय पुत्र आदर्श को भी नसीरपुर लिवा लाया। होली का पर्व ठीकठाक बीता ही था कि एक दिन बाद रात में यह घटना हो गई। मीनू का विवाह लगभग 10 वर्ष पूर्व हुआ था। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसका पति भी बुधवार सुबह नसीरपुर पहुंच गया।