मासूम भतीजे की गड़ासे से हत्या करने के आरोपी चाचा को अपर जिला जज फास्ट ट्रैक द्वितीय अनिल कुमार ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। गौरतलब है कि पांच वर्ष पूर्व इब्राहिमपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी के जरिये अमेदा गांव निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने कहा था कि उसका छोटा भाई महेंद्र भी उसके साथ रहता है।
1 मई 2010 की रात लगभग नौ बजे उसने मेरे तीन वर्षीय पुत्र सत्यम को बिस्कुट खिलाने के बहाने गोद में उठाया और इसके बाद उसे एकांत में लेकर चला गया। उसे ऐसा करते देख सात वर्षीय बेटी ने दौड़कर उन सबको इसकी जानकारी दी। जब तक वे सब मौके पर पहुंचते तब तक महेंद्र ने गड़ासे के प्रहार से सत्यम की जान ले ली थी।
इसके बाद उसने उन सभी को भी गड़ासे से मार डालने की चेतावनी दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया। यह मामला अब सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपर जिला जज फास्ट ट्रैक द्वितीय अनिल कुमार ने आरोपी महेंद्र को मासूम की हत्या का दोषी पाया।
इसके बाद उसे इस अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। इससे पहले आरोपी को सजा सुनाने से पूर्व न्यायिक हिरासत में ले लिया गया था। बाद में उसे न्यायिक अभिरक्षा में मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।