पशु चोरी का असफल होने पर तस्करों ने झोपड़ी में आग लगा दी। इसके बाद वहां से भाग खड़े हुए। आग की लपटें उठती देख परिवारीजनों की आंख खुल गई। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 40 हजार नगदी समेत लगभग 80 हजार रुपये की संपत्ति जलकर राख हो चुकी थी।
जानकारी दिए जाने के बाद भी पुलिस के घटनास्थल पर न पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में एकत्र ग्रामीणों में शुक्रवार सुबह गांव के निकट जलालपुर-मालीपुर मार्ग जाम कर दिया।
जाम की सूचना पर मालीपुर, जलालपुर व जैतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। बाद में नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इस पर लगभग चार घंटे तक चला जाम समाप्त हो सका।
घटना मालीपुर थाना अंतर्गत आजनपारा गांव का है। बताया जाता है कि गुरुवार देर रात पशु तस्कर पिकअप से गांव पहुंचे। वाहन को सड़क पर खड़ा कर वे पैदल ही गांव निवासी सुरेंद्र पाल पुत्र राजाराम पाल के घर पहुंचे। यहां उस छप्परनुमा घर की तरफ गए, जहां बकरी एवं भेड़ बांधे जाते थे।
अंदर जाकर उन्होंने भेड़ खोलने का प्रयास किया ही था कि इसी बीच सुरेंद्र के पुत्र अनिल की आंख खुल गई। गुहार मचाने पर पशु तस्कर वहां से भागने लगे लेकिन भागते समय उन्होंने छप्परनुमा घर में आग लगा दी। आग की लपटें उठती देख उसने गुहार मचा दिया। इस पर परिवारीजन के साथ साथ ग्रामीण भी मौके पर एकत्र हो गए।
इसका लाभ उठाकर पशु तस्कर वहां से भागने में सफल रहे। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक लगभग 80 हजार रुपये की संपत्ति जलकर राख हो चुकी थी। पीड़ित के मुताबिक 40 हजार नगदी भी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन सुबह तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंच सकी।
इससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में एकजुट होकर सड़क पर पहुंचे और जलालपुर-मालीपुर मार्ग जाम कर दिया। कहा गया कि पुलिस की लापरवाही के चलते ही पशु तस्करों के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार घटना को अंजाम दे रहे हैं। कहा गया कि यदि समय पुलिस मौके पर पहुंच गई होती तो पशु तस्करों को पकड़ा जा सकता था।
जाम की सूचना मिलते ही मालीपुर पुलिस के साथ-साथ जलालपुर व जैतपुर की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
ग्रामीण आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़े हुए थे। बाद में नायब तहसीलदार विनोद सिंह ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। लगभग चार घंटे तक चले जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग रही।
इससे लोगों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एसओ मालीपुर चंद्रभान यादव ने बताया कि सुरेंद्र की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है।