प्रसव के दौरान बरती गई लापरवाही से शनिवार सुबह एक नर्सिंगहोम में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिवारीजनों ने आक्रोश का इजहार भी किया। बाद में इलाज में लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए नर्सिंगहोम संचालिका के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दी।
जहांगीरगंज पुलिस ने नर्सिंगहोम संचालिका के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सुतहरपारा गांव निवासी हरिराम की पुत्रवधू रेखा पत्नी पवन कुमार को बीते 2 नवंबर को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी।
परिवारीजन उसे लेकर नरियांव पेट्रोल पंप के निकट स्थित सेवानिवृत्त एएनएम रामरती द्वारा संचालित नर्सिंगहोम पहुंचे और वहां भर्ती करा दिया। रात में उसका इलाज किया गया।
पुलिस को दी तहरीर में हरिराम ने कहा कि रामरती व उसकी दो महिला सहकर्मियों ने गलत इंजेक्शन व दवाईयों का प्रयोग कर प्रसव कराने का प्रयास किया। इसके चलते बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई।
कहा गया कि प्रसव पीड़िता की हालत नाजुक देख रामरती ने कहा कि बेहतर इलाज के लिए आजमगढ़ जिले के अतरौलिया ले जाना पडे़गा। इसके बाद वह स्वयं उसकी पुत्रवधू को इलाज के लिए अतरौलिया लेकर चली गयी।
लेकिन इलाज में बरती गयी लापरवाही व गलत इंजेक्शन के चलते जान नही बच पाई। अतरौलिया के एक अस्पताल में महिला ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस से हुई शिकायत में कहा गया कि जब उन लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया तो, रामरती द्वारा उसे धमकाकर अतरौलिया से ही घर भेज दिया गया।
रात में हुई इस घटना के बाद परिवार में रोना-पिटना मच गया। शनिवार सुबह परिवारीजन जहांगीरगंज थाने पहुंचे, और घटना की तहरीर देकर शव का अंतिम संस्कार करने लौट गए। परिवारीजन जब शव को घाट की तरफ ले जा रहे थे, तभी जहांगीरगंज पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बाद में पुलिस ने ससुर की तहरीर पर नर्सिंगहोम संचालिका रामरती व दो अन्य के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की धारा में केस दर्ज कर लिया। इस बीच नर्सिंगहोम संचालिका ने इलाज में किसी लापरवाही से इनकार किया है। एसओ ने बताया कि मामले में पड़ताल की जा रही है।