वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायत वाजिदपुर गांव में 127 के सापेक्ष 74 प्रसाधन कक्ष का ही निर्माण कराकर 127 शौचालय निर्माण दिखाकर 15 लाख से अधिक की धनराशि निकाल ली गई। शिकायत खंड विकास अधिकारी से हुई तो पूरे मामले की जांच कराई गई।
जांच में मामला सही पाए जाने पर अब जिला पंचायतराज अधिकारी ने संबंधित ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी गई कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायत वाजिदपुर में 127 प्रसाधन कक्ष निर्माण को हरी झंडी दी गई थी।
12 हजार रुपये प्रति प्रसाधन कक्ष निर्माण की दर से कुल 15 लाख 24 हजार रुपये संबंधित ग्राम पंचायत को उपलब्ध करा दिया गया। निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ तो शुरुआती दौर से ही निर्माण में मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आने लगीं। शिकायत हुई लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
गत दिवस गांव के कुछ लोगों ने शौचालय निर्माण में बड़े पैमाने में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत खंड विकास अधिकारी से की। शिकायत में कहा गया कि 127 प्रसाधन कक्ष का निर्माण होना था लेकिन 74 शौचालय का ही निर्माण कराया गया। 127 शौचालय निर्माण दिखाकर कुल धनराशि निकाल ली गई। शिकायत की जांच हुई, तो मामला सही पाया गया।
इस पर खंड विकास अधिकारी ने जांच रिपोर्ट जिला पंचायतराज अधिकारी को सौंप दी। सोमवार 19 जून को डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम पंचायत व तत्कालीन ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। चेतावनी दी गई कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।