सेमरी पहाड़पुर गांव में गुरुवार दोपहर भूमि विवाद में एकजुट हुए लोगों ने लाठी-डंडों व धारदार हथियार से लैस होकर एक घर पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने घर पर मौजूद सभी की जमकर पिटाई की। मारपीट में दो किशोरियों समेत पांच लोगों को चोटें आईं। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को देखते हुए ही ग्रामीण भड़क गए।
आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने दरोगा समेत दो पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया और अभद्रता की। पुलिस से अभद्रता की सूचना पर बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत किया। पीड़ित परिवार ने एसपी से मुलाकात कर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
उधर, एसओ महरुआ ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता व दौड़ाए जाने से इंकार किया है। जानकारी के अनुसार, सेमरी पहाड़पुर गांव निवासी रामअरज व जगेश्वर के बीच लंबे समय से भूमि विवाद चला आ रहा है। इसे लेकर कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने आ चुके हैं। मामला थाने तक भी पहुंचा लेकिन स्थायी निस्तारण नहीं हो सका।
आरोप है कि गुरुवार दोपहर जगेश्वर पक्ष के 12 से अधिक लोगों ने लाठी-डंडा व धारदार हथियार से लैस होकर रामअरज के घर पर हमला बोल दिया। उस समय परिवार के पुरुष सदस्य खेत गए थे। घर में सिर्फ महिलाएं थीं। आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं की जमकर पिटाई की।
गुहार मचाने पर जब तक आसपास मौजूद लोग व खेत में काम कर रहे परिवार के पुरुष सदस्य मौके पर पहुंचे तब तक हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग खड़े हुए। मारपीट में अनीता (26) पत्नी रामअरज, गिरिजा (14) व निरोजा (16) पुत्री ललई, यशोदा (48) पत्नी ललई, गौरी (26) पत्नी कतारू को चोटें आईं।
सूचना पर महरुआ थाने के दरोगा काशी प्रताप तिवारी दो सिपाहियों के साथ गांव पहुंचे। पुलिस को देखते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। विपक्षियों से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नाराज ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता की और दौड़ा लिया। यही नहीं नाराज ग्रामीणों ने घायलों को लेने पहुंची एंबुलेंस को भी गांव में नहीं घुसने दिया।
पुलिसकर्मियों से अभद्रता की जानकारी पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी गांव पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने बामुश्किल ग्रामीणों को काबू किया। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां अनीता व निरोजा की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने एसपी अजय सिंह से मुलाकात कर केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
एसपी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। थानाध्यक्ष महरुआ अरशद सिद्दीकी ने बताया कि गांव में दरोगा को दौड़ाए जाने की बात सही नहीं है। मौके पर ग्रामीणों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। पीड़ित परिवार ने अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।