अंबेडकरनगर। एनटीपीसी विस्तारीकरण में घाघरा नदी पर अतिक्रमण का मामला प्रथम दृष्टया जांच में सही पाया गया है। तहसील प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए एनटीपीसी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही तहसीलदार ने टीम गठित कर विधिवत पैमाइश कराने का आदेश भी दिया है।
गौरतलब है कि एनटीपीसी द्वितीय विस्तारीकरण के दौरान घाघरा नदी से सटे ग्राम हाशिमपुर एवं सलारपुर राजौर में नदी को पाट कर अवैध रूप से कब्जा कर लेने की शिकायत लंबे समय से की जा रही थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम महेंद्र पाल सिंह ने तहसीलदार को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
इसी क्रम में तहसीलदार संतोष कुमार ओझा ने रविवार को राजस्व टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। मामला प्रथम दृष्टया कब्जेदारी का पाया गया, जिस पर तहसील प्रशासन ने एनटीपीसी प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही तहसीलदार ने टीम गठित कर मामले में विधिवत पैमाइश कराने का भी निर्देश दिया है।
बताते चलें कि मामले की की जांच स्वयं तहसीलदार द्वारा बहुत ही बारीकी से की जा रही है। इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल प्रमेन्द्र पटेल, राजभवन तिवारी, सहित राजस्व टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे। तहसीलदार ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया नदी भूमि में निर्माण के प्रयास का मामला पाया गया है। इसी पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उधर, एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि किसी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं है। प्रशासन की विस्तृत पैमाइश में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।