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प्राथमिक विद्यालय में दिन भर लटका रहा ताला, भड़के अभिभावक

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महरुआ (अंबेडकरनगर)। तीन दिन के अवकाश के बाद विद्यालय खुले तो भी अवकाश को लेकर शिक्षकों की मनमानी दूर नहीं हो सकी। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय मथानी में पूरे दिन ताला लटकता रहा। इससे अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त हो गया। उन्होंने विद्यालय पहुंचकर हंगामा किया। बाद में एबीआरसी मौके पर पहुंचे। ताला लटकता देख उन्होंने प्रधानाध्यापक समेत सभी शिक्षकों की वेतन कटौती की संस्तुति कर दी। उधर नसीरपुर प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक अनुपस्थित मिले।
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होली के उपलक्ष्य में लगातार तीन दिन तक अवकाश रहने के बाद भी तमाम शिक्षकों के बीच छुट्टी की खुमारी दूर नहीं हो सकी। बीते बुधवार से शुक्रवार तक होली का अवकाश परिषदीय विद्यालयों में था। शनिवार को विद्यालय निर्धारित समय पर सुबह 9 बजे खुलना था। 30 से अधिक बच्चे 23 मार्च शनिवार को सुबह 9 बजे विद्यालय पहुंच गए। हालांकि गुरुजनों का कोई पता नहीं था। बच्चों ने कुछ देर समय बिताया, लेकिन तब भी स्कूल का ताला नहीं खुला। इस बीच इंतजार करते हुए साढ़े 10 बज गए। इसके बाद भी न तो प्रधानाध्यापक की आमद हो सकी, और न ही अन्य शिक्षकों की। हालांकि इस बीच विद्यालय में कार्यरत रसोइया पहुंच गई थी।

उधर प्रधानाध्यापक आलोक त्रिपाठी, सहायक अध्यापक पवन पांडेय व शिक्षामित्र रीमा सिंह के न आने की खबर अभिभावकों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। तमाम ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए, और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शिक्षकों की इस मनमानी पर गहरी नाराजगी जाहिर की। कहा कि शिक्षकों व अधिकारियों की इसी लापरवाही के चलते विद्यालयों की दशा खराब हो रही है।
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ग्रामीण महेंद्र प्रताप सिंह, घनश्याम विश्वकर्मा, विमल सिंह, मनोराम निषाद, रामपाल यादव, रामधारी यादव, बद्री निषाद, लालू निषाद, लालबहादुर निषाद आदि ने विद्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रधानाध्यापक के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत कटेहरी खंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्र मौर्य से की।

मामले को गंभीरता से लेते हुए वे विद्यालय पहुंच गए। उन्होंने भी विद्यालय में ताला लटकता देखा। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ऐसी पुनरावृत्ति दोबारा नहीं होने दी जाएगी। किसी तरह उन्होंने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद ग्रामीणों के सामने ही दो शिक्षकों व शिक्षामित्र के मानदेय तथा वेतन कटौती की संस्तुति बीएसए को कर दिया।

खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि प्रकरण गंभीर है। ऐसे किसी भी मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा। बाद में अमर उजाला टीम प्राथमिक विद्यालय नसीरपुर पहुंची तो वहां प्रधानाध्यापक अनुपस्थित थे। सहायक अध्यापिका डाली वर्मा, वंदना धुरिया तथा शिक्षामित्र आराधना सिंह व हेमलता स्कूल में मौजूद थीं, लेकिन कोई बच्चे नहीं थे। अराधना ने प्रधानाध्यापक के बारे में बताया कि उन्हें जरूरी काम से बाहर जाना पड़ा है। बच्चों की परीक्षा हो गई है, इसलिए वे नहीं आ रहे हैं।
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