अंबेडकरनगर। जिला प्रशासन ने 22 बदमाशों को 6 माह के लिए गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार ने आदेश में कहा है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन करता हुआ कोई मिले, तो उसके विरुद्ध केस भी दर्ज किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकसभा चुनाव से पूर्व माहौल को सामान्य बनाए रखने के लिए उठाए गए कड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही प्रशासन ने बदमाशों पर अंकुश लगाने के लिए मुहिम तेज कर दी है। इसी क्रम में बीते दिनों विभिन्न थानों के प्रभारियों ने पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपने-अपने थाना क्षेत्र के बदमाशों के विरुद्ध गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दी थी। एसपी की तरफ से संस्तुति के बाद मामला जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पहुंचा। जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद जिला मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार ने हंसवर थाने के जैनुद्दीनपुर निवासी रमजान, इसी गांव केसगीर व अहमद, भूलेपुर के मगरूर, इसी गांव के निसार को 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया।
राजेसुल्तानपुर थाने के देवरिया बाजार निवासी कल्लू उर्फ आलम, जलालपुर के डीह भियांव निवासी सुनील निषाद, भीटी के दावतपुर निवासी संदीप यादव, दिलावलपुर निवासी प्रवेश शर्मा, उसकके भाई महेश शर्मा, महरुआ के लोहरा बरामदपुर निवासी राजेश निषाद, बरामदपुर जरियारी निवासी संजय सैनी, जहांगीरगंज के ऊंचेपुर निवासी संदीप चौहान, टांडा कोतवाली के हयातगंज निवासी छोटू उर्फ परवेज, सकरावल पूरब निवासी तौहीद अहमद, नैपुरा निवासी पुल्लुर, अकबरपुर के बंदनडीह निवासी हंसू पाण्डेय, अलीगंज के रायपुर निवासी सगीर, इसी गांव के विनोद उर्फ अमरजीत, आसोपुर डड़वा के दो सगे भाइयों मनीराम व रोहित तथा सलेमपुर निवासी रंजीत चौहान को जिला मजिस्ट्रेट ने 6 माह के लिए जिला बदर कर दिया।
जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश में सभी थाना प्रभारियों को कहा है कि यदि इन बदमाशों की मौजूदगी क्षेत्र में पाई जाए, तो उनके विरुद्ध अलग से केस दर्ज कर कार्रवाई हो।