टांडा (अंबेडकरनगर)। पशु आश्रय स्थल में बीते दिन गोवंशीय पशु की मौत मामले में नगर पालिका परिषद टांडा के अधिशाषी अधिकारी व तीन कर्मचारियों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में विवेचना शुरू कर दी है। इस बीच मंगलवार को एसडीएम को ज्ञापन देकर भाजपा नेताओं व गोरक्षा समिति के पदाधिकारियों ने जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने तथा निलंबन की मांग की है।
नगर पालिका परिषद टांडा के कार्यालय परिसर में बने अस्थाई पशु आश्रयस्थल में सोमवार को एक गोवंशीय पशु की मौत हो गई थी। जिला गोरक्षा प्रमुख सतीश मोदनवाल ने सोमवार को ही टांडा कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नगर परिषद अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते यह घटना हुई है।
इन सभी ने क्रूरतापूर्ण ढंग से पशुओं को खुले मैदान में बिना चारे के रखा था। इसी के चलते मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मंगलवार को ईओ आशीष ओझा तथा तीन अज्ञात कर्मचारियों के विरुद्ध पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया।
जिला गोरक्षा प्रमुख सतीश मोदनवाल एवं भाजपा नेता दीपक केडिया के साथ कई कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंचकर एसडीएम से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपकर अधिशाषी अधिकारी को निलंबित करते हुए उनकी अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की। एसडीएम ने मामले में समुचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उधर, कोतवाल रामलखन पटेल ने बताया कि अधिशाषी अधिकारी व कर्मचारियों पर पशु क्रूरता का केस दर्ज किया गया है।