जलालपुर (अंबेडकरनगर)। चिटफंड संस्था के नाम पर सैकड़ों उपभोक्ताओं का लगभग 8 करोड़ रुपये लेकर कार्यालय संचालक भाग खड़े हुए। मेहनत की पूंजी डूबने से नाराज उपभोक्ताओं ने सोमवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। उन्होंने न सिर्फ दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कर गिरफ्तारी किए जाने, बल्कि उनकी धनराशि वापस कराए जाने की मांग की। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।
चिटफंड संस्था के नाम पर उपभोक्ताओं को आर्थिक चपत लगाने का सिलसिला जिले में थमने का नाम नहीं ले रहा। अब जलालपुर में कोलकाता की एक चिटफंड संस्था के नाम पर सैकड़ों उपभोक्ताओं का 8 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लेकर भागने का मामला सामने आया है। संस्था के नाम पर कुछ युवकों ने अपने घर पर ही कार्यालय खोल लिया। पांच वर्ष में दोगुना करने के नाम पर धनराशि जमा कराने लगे। शुरुआत में तो उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ, लेकिन बीते दिनों एफडी की समयावधि पूरा होने पर संबंधित उपभोक्ता अपनी धनराशि वापस लेने पहुंचे, तो संबंधित युवकों द्वारा आनाकानी की जाने लगी। जब दबाव डाला गया, तो सभी युवक घर छोड़कर भाग खड़े हुए।
पांच वर्ष में दोगुना धनराशि होने की लालच में किसी ने 1 लाख, तो किसी ने 50 हजार से अधिक धनराशि जमा कर दी। खुद को ठगे जाने की जानकारी होने पर उपभोक्ता सन्न रह गए। गाढ़ी कमाई की पूंजी को इस प्रकार लुटने की उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था। सोमवार को उसमापुर व नीमतल के रियाज अहमद, मो. असलम, हाजी यार मो., शफीक अहमद आदि ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी देते हुए केस दर्ज करने के लिए तहरीर दी। तहरीर में कहा गया कि इलाके के पांच लोगों ने अपने अपने घर में संबंधित चिटफंड संस्था के नाम पर कार्यालय खोल रखा था। उन्होंने संबंधित संस्था का बांड भी उन लोगों को दिया। कुछ ने तो एफडी की एकमुश्त धनराशि जमा कर दिया, तो कुछ ने किस्त में जमा किया। अब जब समय पूरा हो गया और धनराशि वापस लेने गए, तो पता चला कि वे सब धनराशि लेकर भाग खड़े हुए। उन्होंने मामले में धनराशि वापस कराए जाने व दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
यह थी स्कीम
चिटफंड संस्था के नाम पर घर में ही कार्यालय खोले बैठे युवकों ने पांच वर्ष में फिक्स डिपोजिट धनराशि के दोगुना होने की जानकारी उपभोक्ताओं को दी थी। संचालकों ने संबंधित चिटफंड संस्था का बांड भी उपभोक्ताओं को दिया था, जिससे उन्हें किसी प्रकार का शक न हो। जो उपभोक्ता एकमुश्त धनराशि नहीं जमा कर सकते थे, उनके लिए प्रत्येक माह किस्त बांध दी गई थी।
छानबीन की जा रही
एक चिटफंड संस्था के नाम पर पांच युवकों द्वारा ठगी किए जाने की शिकायत आई है। तहरीर में पांच युवकों पर 8 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लेकर भागने का आरोप लगाया है। मामले में छानबीन की जा रही है। - नीरज सिंह, कोतवाली प्रभारी