अंबेडकरनगर। जिला मुख्यालय अकबरपुर में एक निजी यात्री बस बर्निंग बस होने से बच गई। जलालपुर से यात्रियों को लेकर लखनऊ जा रही निजी बस में शार्ट सर्किट से बुधवार सुबह मौहरिया खानपुर रेलवे क्रॉसिंग के निकट आग लग गई। इससे उसमें सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए वे चलती बस से ही कूदने लगे। इससे पहले कि आग बढ़ती, चालक व परिचालक ने आग पर काबू पा लिया। बाद में दूसरी बस की व्यवस्था कर यात्रियों को लखनऊ की तरफ रवाना किया गया।
बुधवार सुबह जलालपुर से एक निजी बस यात्रियों को लेकर लखनऊ जा रही थी। बताया जाता है कि जब वह अकबरपुर नगर से सटे मौहरिया खानपुर रेलवे क्रासिंग के निकट पहुंची, तो इसी बीच शार्ट सर्किट से आग लग गई। धूआं बस के अंदर पहुंचने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। उनमें चीख पुकार मच गई। चालक ने तत्परतापूर्वक बस रोकी। हालांकि इस बीच कुछ यात्री चलती बस से ही सामान लेकर जान बचाने के लिए कूद पड़े। बस के रुकते ही उससे उतरने के लिए यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इस बीच जानकारी मिलते ही शहजादपुर चौकी प्रभारी दीपक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों व चालक परिचालक ने मिलकर आग पर काबू पा लिया।
कुछ देर बाद जलालपुर से दूसरी बस आई। इसके बाद यात्रियों को लखनऊ रवाना किया गया। उधर घटना को लेकर स्थानीय लोगों में परिवहन विभाग के प्रति नाराजगी व्याप्त हो गई। उनका कहना था कि इस तरह के डग्गामार वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर विभाग द्वारा कभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती। इसी प्रकार की लापरवाही का ही नतीजा है कि एक बड़ी घटना होने से बच गई।
डग्गामार वाहनों पर हो कार्रवाई
अकबरपुर के संदीप त्रिपाठी व रामानुज ने कहा कि डग्गामार वाहनों पर लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह है कि ऐसे वाहनों पर मानक से कहीं यात्रियों को ढोया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत है। अकबरपुर के अनुराग श्रीवास्तव व गुलरेज ने कहा कि परिवहन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से इस प्रकार के वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इससे अक्सर यात्रियों को विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कहा कि इनमें कई ऐसे वाहन ऐसे भी हैं, जिनका परमिट ही नहीं है।
समय समय पर चलाया जाता है अभियान
बगैर परमिट के वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाए जाने को लेकर समय समय पर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। आगे भी ऐसे वाहनों का संचालन रोकने के लिए अभियान चलेगा। -केएन सिंह, एआरटीओ