अंबेडकरनगर। सात वर्ष पूर्व दहेज के लिए नवविवाहिता की हुई हत्या मामले में शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने पति समेत पांच लोगों को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई है। सभी पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा गया कि यदि जुर्माने की रकम नहीं अदा की गई तो दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
वर्ष 2011 में जैतपुर थाना क्षेत्र के बड़ाह खुर्द निवासी मनोज कुमार ने अकबरपुर कोतवाली में दहेज हत्या का केस दर्ज कराया है। बताया कि उसने अपनी बहन निशा का विवाह वर्ष 2011 में कोतवाली क्षेत्र के खानशाह सुलेमपुर निवासी बृजेश कुमार के साथ किया था। विवाह के बाद से उसकी बहन का ससुरालीजनों द्वारा दहेज के लिए उत्पीड़न किया जाने लगा। उत्पीड़न के बीच ही नवंबर में निशा की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में आरोपी पति बृजेश कुमार के अलावा ससुराल पक्ष के रामअशीष, वीरेन्द्र, लाली व राममूरत के विरुद्ध दहेज हत्या व उत्पीड़न आदि की धाराओं में केस दर्ज किया। वादी के शासकीय अधिवक्ता अखिलेश वर्मा द्वारा अपर जिला सत्र न्यायाधीश एफटीसी के समक्ष तमाम ऐसे सबूत व तथ्य पेश किए गए, जिसमें सभी आरोपियों पर दहेज हत्या व उत्पीड़न का आरोप सिद्ध हुआ। इस पर न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने पति समेत सभी पांच अभियुक्तों को 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी अभियुक्तों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आदेश में कहा कि यदि उनके द्वारा जुर्माने की रकम न अदा की गई तो दो-दो माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।