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महिला से दोस्ती के चलते हुई थी व्यापारी राकेश की हत्या

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अंबेडकरनगर। एक महिला से दोस्ती के चलते व्यापारी राकेश जायसवाल की हत्या की गई थी। महिला के करीबी ने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। दरअसल, हत्यारे को महिला से राकेश की दोस्ती मंजूर नहीं थी। इसके लिए उसने व्यापारी को समझाने का भी प्रयास किया था। रविवार को पुलिस ने बहुचर्चित पदुमपुर में व्यापारी राकेश जायसवाल हत्याकांड का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी (महिला के करीबी) को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, उसके दो साथी वहां से भागने में सफल रहे। पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा व बाइक को भी बरामद कर लिया।
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पुलिस लाइंस में पत्रकारों को खुलासे की जानकारी देते हुए एसपी संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि आरोपी राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के कोटिया मुबारकपुर निवासी दिग्विजय उर्फ टाइगर ने पूछताछ में बताया कि उसका संबंध आलापुर थाना क्षेत्र की एक महिला से है। इसी महिला से व्यापारी भी बातचीत किया करता था। महिला अक्सर उसकी दुकान पर भी जाती थी। उसकी बढ़ रही नजदीकियों को लेकर व्यापारी को कई सचेत भी किया गया। लेकिन वह नहीं माना। वह बीते 2 जुलाई को भी अपने दो साथियों के साथ समझाने के लिए उसके दुकान गया था। वह कहीं से बाइक से वापस लौटा था। टाइगर ने राकेश को महिला से दूर रहने की चेतावनी दी, जिसे लेकर दोनों में बहस होने लगी। दोनों के बीच धक्का मुक्की शुरू हुई, जिसमें राकेश गिर पड़ा। इसके बाद टाइगर ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और फिर दोनों साथियों के साथ वह फरार हो गया।

यह थी घटना
दो जुलाई की रात साढ़े नौ बजे पदुमपुर बाजार के किराना व्यापारी राकेश जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना को लेकर बाजार में जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान पुलिस ने व्यापारियों व परिवारीजनों पर लाठीचार्ज किया था जिसमें कई लोग घायल हुए थे। यही नहीं इसके बदले में व्यापारियों ने पुलिस पर हमला कर सीओ समेत कई की पिटाई कर दी थी जिस पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। व्यापार मंडल के प्रांतीय नेताओं तक ने पदुमपुर पहुंचकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल पर खंगालना शुरू किया। इससे सामने आए तथ्यों से पुलिस को यह जानकारी लग गई कि घटना का कारण महिला से दोस्ती ही है। घटना वाले दिन से लेकर इससे पहले के कुछ दिनों के बीच तमाम लोगों के काल डिटेल खंगालने व सर्विलांस की मदद लेने पर पुलिस का शक राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के कोटिया मुबारकपुर निवासी दिग्विजय उर्फ टाइगर पर गहराया। उसे रविवार सुबह सिकरौरा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
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कई महिलाओं से होती थी बातचीत
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि दिवंगत व्यापारी राकेश की बातचीत अक्सर कई महिलाओं से होती रहती थी। इसमें सबसे ज्यादा बात टांडा की एक शादीशुदा महिला से होती थी। गोली लगने से पहले फोन पर अंतिम बात व्यापारी ने टांडा की इसी महिला से की थी। पुलिस ने इस पर उसे ध्यान में रखते हुए अपनी जांच को आगे बढ़ाया। हालांकि इसमें पुलिस को घटना से जुड़े कोई तार नजर नहीं आए, लेकिन यह जानकारी जरूर हो गई कि व्यापारी राकेश की बात राजेसुल्तानपुर की एक महिला से भी होती थी। पुलिस ने उस महिला तक पहुंच बनाई। उससे की गई पूछताछ में उसने सामान्य ढंग से बातचीत होना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी जोड़ना शुरू किया तो प्रेम त्रिकोण का मामला सामने आ गया।

खुलासे में रही मुख्य भूमिका
हत्या की वारदात के खुलासे में एसपी सिटी सुरेंद्र कुमार दास, सीओ सदर धर्मेंद्र सचान के अलावा राजेसुल्तानपुर के मौजूदा व पूर्व थानाध्यक्ष, अहिरौली थाना प्रभारी व स्वॉट टीम की मुख्य भूमिका रही। एसपी ने बेहतर ढंग से घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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