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केमिकलयक्त रंग मिलाकर मेडिकल छात्र छात्राओं को परोसा जा रहा भोजन

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अंबेडकरनगर। मेडिकल कॉलेज के ही छात्र-छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन केमिकलयुक्त पाया गया है। लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा संभालने वाला मेडिकल कॉलेज खुद के ही छात्र-छात्राओं को वह भोजन परोस रहा, जो मानक के अनुरूप नहीं है। भोजन में अखाद्य रंग मिलाकर भोजन परोसने का बड़ा मामला पकड़ में आया है। शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सीनियर बॉयज हॉस्टल के रसोईघर में छापा मारा तो ढाई किग्रा अखाद्य लाल रंग पाया गया, वहीं 10 किग्रा तैयार दाल में भी अखाद्य रंग पाया गया। टीम ने बनी हुई पूरी दाल को मौके पर ही नष्ट करा दिया। छात्राओं को भोजन देने के लिए घुना हुआ चना रसोईघर से बरामद हुआ। उसे भी नष्ट करा दिया गया। मनमानी का दौर इतना ही नहीं दो संस्थाएं तब भी भोजन परोसती पायी गईं जबकि उनका लाइसेंस मार्च माह में ही समाप्त हो चुका है।
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सरकारी संस्थाओं में भोजन उपलब्ध कराने को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही परत दर परत खुलती जा रही है। एक दिन पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम की छापेमारी में जिला अस्पताल व सीएचसी बसखारी में भर्ती प्रसूताओं को भोजन उपलब्ध कराने में बड़ी लापरवाही पकड़ में आई थी। इसमें पाया गया था कि जो संस्था भोजन उपलब्ध करा रही है, उसका लाइसेंस ही समाप्त हो चुका है। इसी क्रम में शनिवार को खाद्य सुरक्षा की टीम ने बड़ी लापरवाही पकड़ी। दरअसल आयुक्त खाद्य एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सघन जांच अभियान छेड़ रखा है। इसी क्रम में टीम का रुख शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज की तरफ था।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय के नेतृत्व में टीम ने मेडिकल कॉलेज के सीनियर बॉयज हाटल के रसोई घर का जायजा लिया। यहां का दृश्य देखकर टीम सन्न रह गई। यहां भोजन में रंग लाने के लिए ढाई किग्रा महाराज ब्रांड का अखाद्य लाल रंग का पैकेट मिला। इसके अलावा 10 किग्रा पकी हुई दाल मिली, जिसमें भी अखाद्य लाल रंग मिला हुआ था। पूछताछ में बताया गया कि यह भोजन निरंकार सिंह द्वारा संचालित संस्था द्वारा बनाया जा रहा था। जिसके लाइसेंस का इन दिनों नवीनीकरण नहीं था। टीम ने ढाई किग्रा अखाद्य रंग व दस किग्रा पकी हुई दाल को नष्ट करा दिया। टीम ने बॉयज हॉस्टल के रसोईघर में छापा मारा। यहां अजय कुमार गुप्ता द्वारा बगैर लाइसेंस रिनीवल के मेडिकल छात्रों को भोजन उपलब्ध कराने का मामला पकड़ में आया। भंडारण गृह में रखी अरहर दाल का नमूना लिया गया। यहां से टीम गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। यहां श्रीकैटर्स द्वारा मेडिकल की छात्राओं को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। वार्डेन डॉ. हिना सैय्यदा की मौजूदगी में निरीक्षण के दौरान 15 किग्रा घुना हुआ चना मिला। इसे तत्काल नष्ट करा दिया गया। साथ ही वहां रखी खड़ी मसूर का नमूना मिलावट के संदेह में लिया गया। टीम इसके बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती रोगियों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन का जायजा लेने के लिए कॉलेज परिसर में ही स्थित रसोईघर का जायजा लिया। कार्यदायी संस्था के पास लाइसेंस मिला। यहां निर्मित सब्जी की गुणवत्ता में आशंका हुई, तो उसका नमूना लिया गया।
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आयुक्त खाद्य को भेजी जाएगी रिपोर्ट
राजकीय मेडिकल कॉलेज में छापेमारी के दौरान भोजन में मिलाने के लिए अखाद्य रंग मिला, जबकि रंग मिली पकी दाल मिली। सीनियर बॉयज व बॉयज हॉस्टल में भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था के पास लाइसेंस नहीं था। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही आयुक्त खाद्य को भेज दी जाएगी। -केके उपाध्याय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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