टांडा/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। एनटीपीसी में एक दिन पहले हुए हादसे में मजदूर की मौत के बाद उसका शव परिवारीजनों को सौंपे जाने तथा मजदूर की पत्नी को नौकरी व 20 लाख का आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण बुधवार को भड़क उठे। एनटीपीसी के निकट मार्ग जाम कर रहे ग्रामीणों की बाद में पुलिस से झड़प भी हो गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े। लाठीचार्ज में मृतक की बहन समेत 10 ग्रामीण घायल हो गए। भड़के ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों पर पत्थरबाजी की जिसमें सीओ भीटी व दो पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। आक्रोशित ग्रामीणों ने आगजनी के साथ वाहनों में तोड़फोड़ भी की। हालात को संभालने के लिए डीएम व एसपी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को आश्वस्त किया कि मजदूर के परिवारीजनों की सभी संभव मदद सुनिश्चित कराई जाएगी।
गौरतलब है कि मंगलवार को एनटीपीसी विस्तारीकरण यूनिट में बॉयलर के निर्माण के दौरान मंगलवार को गिरे लोहे के पाइप की चपेट में आने से मजदूर हंसवर थाना अंतर्गत एकडल्ला भगवानपुर गांव निवासी सुनील की मौत हो गई थी। इसी मामले में मृतक के परिवारीजनों को शव सौंपे जाने, उसकी पत्नी को नौकरी दिए जाने व 20 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर बुधवार सुबह परिवारीजन व बड़ी संख्या में मजदूर एनटीपीसी नई यूनिट के गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। जब काफी देर तक कार्यदायी संस्था एल एंड टी तथा एनटीपीसी के अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचे, तो धरने पर बैठे लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणाों ने एकजुट होकर टांडा फैजाबाद मार्ग जाम कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही अलीगंज व केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने जाम हटाने का प्रयास शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने उन पर हलका बल प्रयोग किया। इससे मजदूर भड़क उठे। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस बीच मजदूरों के हंगामें की सूचना मिलते ही सीओ टांडा व भीटी समेत टांडा, अकबरपुर, बसखारी, इब्राहिमपुर, हंसवर समेत अन्य कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
मजदूरों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इस बीच ग्रामीणों ने वाहनों में आग लगाने व तोड़फोड़ का प्रयास शुरू कर दिया। इस पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस के लाठीचार्ज से मृतक की पत्नी व बहन समेत 10 ग्रामीणों को चोटें आईं, जबकि ग्रामीणों के पथराव से सीओ भीटी व दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पथराव में टांडा कोतवाली की एक जीप व डायल 100 का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
डीएम व एसपी ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी होते ही डीएम सुरेश कुमार, एसपी संतोष कुमार मिश्र व एएसपी ओपी सिंह मौके पर पहुंचे। आंदोलन कर रहे परिवारीजनों व मजदूरों से वार्ता कर समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद लगभग तीन घंटे तक चला हंगामा शांत हो सका। जिलाधिकारी ने मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि मुआवजा व नौकरी दिए जाने को लेकर एनटीपीसी प्रशासन से वार्ता की जाएगी। एसपी संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि इसमें कोई दोषी पाया गया, तो आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
एनटीपीसी प्रशासन रोक सकता था हंगामा
मजदूरों के हंगामे में पुलिस की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस समय मुआवजे व नौकरी की मांग को लेकर मृतक के परिवारीजन व मजदूर नई यूनिट के समक्ष धरने पर बैठे थे, यदि उसी समय एनटीपीसी प्रशासन ने उनसे वार्ता की होती, तो हंगामे को रोका जा सकता था। जब काफी देर तक न तो एनटीपीसी प्रशासन और न ही कार्यदायी संस्था एल एंड टी के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो मजदूरों का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद उन्होंने मार्ग जाम कर दिया। यहां भी यदि पुलिस ने धैर्य का परिचय दिया होता, तो भी स्थिति इतनी अधिक न बिगड़ती। पुलिस ने समझाने बुझाने की बजाए उन पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी। इसके बाद ही स्थिति गंभीर हो गई।
मृतक के गांव में फोर्स तैनात
बुधवार को एनटीपीसी के निकट हुए मजदूरों के हंगामें को देखते हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना पर अंकुश पाने के लिए मृतक के गांव एकडल्ला भगवानपुर में एहतियातन पुलिस बल की तैनाती की गई है। एएसपी ओपी सिंह ने बताया कि यह कदम एहयितातन उठाया गया है। उधर डीएम सुरेश कुमार व एसपी संतोष कुमार मिश्र भी दलबल के साथ टांडा में कैंप किए हुए हैं।
विधायक ने दिया आश्वासन
घटना की जानकारी होते ही भाजपा विधायक संजू देवी ने जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। कहा कि मांग के अनुरूप मृतक की पत्नी को नौकरी व उचित मुआवजा दिलाए जाने के लिए आवश्यक कदम उठाया जाए। विधायक प्रतिनिधि श्यामबाबू ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों व मृतक के परिवारीजनों से मुलाकात कर वार्ता की। कहा कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मृतक के परिवारीजनों को समुचित सहायता दिलाई जाएगी। मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।