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6 अपात्रों को दे दिया गया लोहिया आवास, होगी रिकवरी

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मकान व दुकान मालिकों को दे दिया लोहिया आवास
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अंबेडकरनगर। पक्के घर व दुकान के मालिक छह अपात्रों को लोहिया आवास दिये जाने का मामला जांच में सामने आया है। प्रशासन ने तय किया है कि ऐसे सभी अपात्रों से कुल साढ़े सोलह लाख रुपये की रिकवरी की जायेगी।
इस मामले में लापरवाही पाये जाने पर एक ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। कार्रवाई के लिए डीआरडीएपीडी ने डीपीआरओ को पत्र भेज दिया है।
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गौरतलब है कि भीटी विकास खंड के महमूदपुर रायगंज निवासी ओमप्रकाश गुप्त ने 2 दिसंबर 2016 को मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने मनमाने तरीके से गांव के पांच अपात्रों को लोहिया आवास योजना का लाभ दे दिया है।

संबंधित अपात्रों के पास न सिर्फ पक्के भवन हैं बल्कि उनके पास आय के कई अन्य स्रोत भी हैं। इससे वह किसी भी दशा में लोहिया आवास योजना की पात्रता के मानक को पूरा नहीं करते हैं।

ओमप्रकाश की शिकायत पर सीडीओ ने मामले की जांच बीडीओ भीटी को सौंपी। निर्देशित किया कि अविलंब मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से तय कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

बीडीओ भीटी ने बीते दिनों अपनी जांच पूरी की। इसमें छह अपात्रों को लोहिया आवास योजना का लाभ दिए जाने का मामला सामने आया। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विमला देवी पत्नी सुमन सिंह के पास पहले से ही पक्का मकान है।

इसके बाद भी उन्हें योजना का लाभ दे दिया गया है। ज्ञानमती पत्नी सीताराम के पास पक्के दो कमरे हैं, सरोज पत्नी जयप्रकाश गुप्त के पास गांव में पक्का घर होने के साथ सेनपुर बाजार में पक्के निजी घर में उनकी दुकान भी चल रही है।

शोभा पत्नी बरोर प्रजापति व शीला पत्नी रामकुमार के पास भी पक्का मकान है। उन लोगों के पास भी आय के अन्य स्रोत हैं। इनके अलावा एक अन्य अपात्र के पास भी पक्का मकान है। ऐसे में वे किसी भी दशा में योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

इसके बावजूद ग्राम पंचायत अधिकारी ने उन लोगों को लोहिया ग्रामीण आवास योजना का लाभ दे दिया है। संबंधित लोगों को आवास योजना के तहत दो लाख 75 हजार रुपये की धनराशि भी मिल चुकी है।

इसके अलावा अपात्र होने के बावजूद इन लोगों को 30 हजार रुपये से लगने वाली सोलर लाइट व 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए प्रोत्साहन राशि दिया गया है। जांच के बाद अब तय हुआ है कि पिछले चरण में मूल आवास के लिए दी गई सोलह लाख पचास हजार की धनराशि वापस ली जायेगी।

पूरे मामले की जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी पंकज मोहन मिश्र को दोषी पाया गया। बीडीओ की रिपोर्ट पर दोषी वीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए परियोजना निदेशक प्रदीप कुमार पांडेय ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भी भेज दिया है।
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डीपीआरओ मयाशंकर मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में है। परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई पत्रावली का अवलोकन कर लिया गया है। इससे चिह्नित अपात्रों से रिकवरी के लिए आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही दोषी पाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी के विरुद्ध भी विभागीय दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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