दुष्कर्मी दरोगा ने दिया सरेंडर प्रार्थनापत्र
महिला को बंधक बनाकर किया था पिस्टल की नोक पर दुष्कर्म
अमर उजाला ब्यूरो
अंबेडकरनगर। पिस्टल के पर महिला से दुष्कर्म करने के आरोपी व जैतपुर थानाध्यक्ष रहे अरशद सिद्दीकी ने कोर्ट में सरेंडर प्रार्थनापत्र दिया है। जांच में महिला के आरोप सही पाए गए। माना जा रहा कि देरसवेर आरोपी दरोगा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सकता है।
गौरतलब है कि आजमगढ़ जनपद की एक महिला का उसके पति से विवाद चल रहा था। इसी मामले में जैतपुर में उस समय तैनात रहे थानाध्यक्ष अरशद सिद्दीकी ने संबंधित महिला से कागज लेकर अकबरपुर में मुलाकात करने को कहा। महिला के अनुसार अकबरपुर में मिलने पर एसओ रहते हुए अरशद उसे अपने अकबरपुर स्थित कमरे पर ले गया और वहां बंधक बनाकर कहीं चला गया। बाद में वापस लौटा, तो पिस्टल के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला के मुताबिक रातभर उसे रोककर दुष्कर्म किया गया। महिला ने मामले की शिकायत की, तो इसी बीच एसओ पद से उसे हटा दिया गया। एसपी सुधीर सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए महिला की तहरीर पर दरोगा के विरुद्ध अकबरपुर थाने में केस दर्ज करा दिया। इसके बाद आरोपी दरोगा नदारद हो गया। मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। विवेचक ने कोर्ट से गिरफ्तारी का वारंट भी प्राप्त कर लिया। तबसे आरोपी दरोगा की तलाश की जा रही है। इस बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी दरोगा ने गत दिवस सीजेएम कोर्ट में सरेंडर प्रार्थनापत्र भी डाल दिया है। माना जा रहा है कि देरसवेर दुष्कर्म का आरोपी दरोगा कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सकता है। उधर अकबरपुर कोतवाल रामलखन पटेल ने माना कि कोर्ट में सरेंडर प्रार्थनापत्र पड़ा है।
दूसरे दुष्कर्मी दरोगा की निकलेगी सीडीआर
अंबेडकरनगर। अहिरौली थाने के दरोगा द्वारा अगवा युवती से पिस्टल के बल पर दुष्कर्म मामले की विवेचना पुलिस ने तेज कर दी है। आरोपी दरोगा के मोबाइल की काल डिटेल निकलवाई जा रही है। गौरतलब है कि अहिरौली थाने से बीते दिनों अगवा हुई एक छात्रा को अहिरौली पुलिस ने बरामद किया था। छात्रा ने बाद में पुलिस को दिए लिखित बयान में कहा था कि उसे बरामद करने के बाद अहिरौली थाने के एक दरोगा ने लखनऊ स्थित अपने कमरे पर ले जाकर पिस्टल से डराया धमकाया और दुष्कर्म किया। इस बीच पुलिस ने मामले में जांच तेज कर दी है। एसओ अहिरौली वासुदेव राणा ने बताया कि संबंधित मामले में काल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई जा रही है, जिससे जांच में और तथ्य सामने आ सकें।