निषाद व पीस पार्टी गठबंधन के कटेहरी प्रत्याशी अजय सिंह सिपाही की गिरफ्तारी के लिए प्रशासन ने छापेमारी तेज कर दी है। हीड़ीपकड़िया में तोड़फोड़ व मार्ग जाम मामले में 11 लोगों को गुरुवार जेल भेज दिया गया। अन्य लोगों की धरपकड़ के भी प्रयास तेज हो गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर अजय समर्थकों के आह्वान पर गुरुवार को महरुआ बाजार बंद रही। दो दिन पहले महरुआ थाना अन्तर्गत हीड़ीपकड़िया गांव में चुनाव प्रचार को लेकर निषाद एवं पीस पार्टी गठबंधन व बसपा कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई थी।
इसमें बसपा समर्थकों के कई वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे, जबकि बाद में पुलिस प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए निषाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने महरुआ के निकट मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया था। इसके बाद बसपा के एक नेता की पिटाई भी कर दी गई थी।
दोनों मामले में अजय सिपाही के अलावा कई अन्य लोगों के विरुद्ध नामजद व कई अज्ञात के विरुद्ध पुलिस ने महरुआ थाने में केस दर्ज कर लिया था। बुधवार को अहिरौली थाना क्षेत्र में हुई छापेमारी के दौरान अजय को पकड़ने में पुलिस सफल नहीं हुई, लेकिन उनके 11 सहयोगी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने इन सभी को गुरुवार को पूर्व में दर्ज मामले में जेल भेज दिया। इनमें आठ लोग गैर जनपदों के हैं। पुलिस की इस कार्रवाई पर इस बीच प्रत्याशी अजय सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस ने उनकी तहरीर पर केस नहीं दर्ज किया। यह न्याय नहीं है।
गुरुवार को एएसपी राममोहन सिंह के नेतृत्व में सीओ भीटी व कई थानाध्यक्षों की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ अजय की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की। एसपी पीयूष श्रीवास्तव ने कहा कि छापेमारी का क्रम लगातार जारी रहेगा। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के कड़े कदम उठाए जाएंगे।