अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में निर्माणाधीन कोविड सेंटर का छज्जा गुरुवार देर रात भरभरा कर ढह गया। हादसे में किसी को कोई क्षति नहीं हुई लेकिन निर्माण में भ्रष्टाचार की बात सामने आ गई। रात में ही अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर प्रारंभिक जांच की। मामले की जांच के लिए डीएम ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
जिला अस्पताल में निर्माणाधीन कोविड अस्पताल में मानक की अनदेखी व धांधली का बड़ा मामला गुरुवार देर शाम सामने आया। एक करोड़ 13 लाख 88 हजार रुपये की लागत से 42 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल का छज्जा गुरुवार देर रात अचानक ढह गया।
कोविड अस्पताल के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को सौंपी गई थी। अक्तूबर 2021 से निर्माण संबंधी काम प्रारंभ हुआ। जनवरी 2023 में समूचे भवन का निर्माण पूरा होना था। शुरुआती दौर से ही निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी का खामियाजा गुरुवार देर रात देखने को मिला।
देर रात छज्जा ढहने की जानकारी डीएम सैमुअल पॉल एन को हुई तो उनके निर्देश पर एसडीएम सदर पवन कुमार जायसवाल व अवर अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ सिंह रात में ही जिला अस्पताल पहुंच गए। इससे पहले सीएमएस डॉ. ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे और डीएम को पूरे मामले की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचकर हादसा स्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पूरी बिल्डिंग के निर्माण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की जा रही है। एसडीएम सदर के नेतृत्व में एचओडी राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सिविल विभाग व अधिशाषी अभियंता पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड मामले की जांच करेंगे।
जिला अस्पताल में छज्जा ढहने के बाद कार्यदायी संस्था का एक पत्र सामने आया। 12 जनवरी को जारी किया गया यह पत्र शुक्रवार को वायरल हुआ। इसके अनुसार कार्यदायी संस्था बालाजी इंडस्ट्रीज अयोध्या को परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार सीएंडडीएस ने कहा था कि छज्जा मानक के अनुरूप नहीं है। इसे गिराकर इसके स्थान पर दूसरा छज्जा तैयार किया जाए।
कोविड अस्पताल का छज्जा गिरने की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति को दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। चाहे वह कार्यदायी संस्था के अधिकारी हों या फिर अन्य लोग।
-सैमुअल पॉल एन, डीएम