अंबेडकरनगर। अकबरपुर के महानगर कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन मंगलवार को कृष्ण चरित्र से जुड़े प्रमुख प्रसंगों का वर्णन किया गया। प्रवाचक सर्वेश्वर शरण ने बताया कि सच्चे संबंध पद और संपत्ति पर निर्भर नहीं होते है। ज्ञान और भक्ति का संतुलन जीवन को दिशा देता है। सही समय पर लिया गया निर्णय भविष्य को सुरक्षित करता है। संतोष और सरलता से जीवन में स्थिरता आती है। धर्म के साथ किया गया कर्म समाज को मजबूती देता है। उद्धव संवाद प्रसंग के माध्यम से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के समन्वय को स्पष्ट किया गया। रुक्मिणी विवाह प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन में सही निर्णय लेने के लिए आत्मविश्वास आवश्यक होता है। मनुष्य को अपने जीवन में कर्म करते हुए धर्म का पालन करना चाहिए।