अंबेडकरनगर के राबीबहाउद्दीनपुर में भगवान गणेश की पूजा करते श्रद्घालु-संवाद
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अंबेडकरनगर। गजानंद महाराज पधारो, कीर्तन की तैयारी है... जैसे भक्ति गीतों व भगवान गणेश के जयकारों के बीच बुधवार को पूजा पंडालों में प्रतिमा स्थापित कर दर्शन के लिए पट खोल दिए गए। भगवान गणेश के दर्शन व विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए पूजा समितियों ने जरूरी व्यवस्थाएं कर रखी थीं। उधर गणेश चतुर्थी पर्व पर ज्यादातर लोगों ने घरों में स्थित मंदिरों में भी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की।
गणेश चतुर्थी पर्व का उल्लास बुधवार सुबह से ही जिले में चहुंओर दिखने लगा। गजानंद के भक्तों ने घरों में स्थित मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा-अर्चना की। साथ ही मोदक का भोग भी लगाया। इसके अलावा विशेष पूजन अर्चन के लिए संबंधित क्षेत्र की मंदिरों में भी पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
इस दौरान भगवान गणेश के जयकारों से समूचा माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिरों में बजने वाले भगवान गणेश की भक्ति से सराबोर गीतों पर युवक व युवतियां कई स्थानों पर थिरकते भी दिखे। मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। अकबरपुर नगर के पुराने तहसील तिराहा स्थित गायत्री मंदिर के पुजारी विद्यासागर पांडेय, डाकघर के निकट स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी माधव प्रसाद तिवारी, नई सड़क स्थित काली मंदिर के पुजारी अवधेश दास ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर्व को देखते हुए विशेष साफ सफाई के साथ ही अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं।
पूजा पंडालों में स्थापित हुईं प्रतिमा
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच बुधवार को विधिविधान पूर्वक मंत्रोच्चार के बीच पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित कर दिया गया। इसके बाद दर्शन के लिए पूजा पंडालों के पट खोल दिए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं का पूजन-अर्चन के लिए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। जिला मुख्यालय के शहजादपुर स्थित गुरुद्वारा गली में स्थापित पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर न सिर्फ पूजा-अर्चना की, बल्कि मोतीचूर के लड्डू व मोदक का भोग भी लगाया। पूजा समिति से जुड़े रवि कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। चार सितंबर को शोभायात्रा के बाद तमसा नदी के तट पर प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसी प्रकार जलालपुर, टांडा, भीटी व आलापुर तहसील क्षेत्र में भी जगह-जगह पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजन-अर्चन का दौर प्रारंभ हो गया।