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अकबरपुर-मालीपुर मार्ग निर्माण का रास्ता साफ

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नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन सौपंते सांसद रितेश पांडेय-संवाद - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर वाराणसी नेशनल हाईवे की बदहाली के दिन अब जल्द ही समाप्त होंगे। यह मार्ग अकबरपुर से मालीपुर के निकट तक जगह-जगह गड्ढों में तब्दील है। ज्यादातर चार पहिया व दो पहिया वाहन चालक इधर से होकर आवागमन बंद कर चुके हैं। नागरिकों द्वारा लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है। इस बीच सांसद रितेश पांडेय ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बुधवार को दोबारा मुलाकात की। मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर भरोसा दिलाया कि एक माह के भीतर इस मार्ग के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया तय कर दी जाएगी। इसके बाद तेजी से निर्माण शुरू कराकर स्थानीय नागरिकों व यात्रियों को लाभ पहुंचाया जाएगा।
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गौरतलब है कि अकबरपुर से मालीपुर व जौनपुर होते हुए वाराणसी तक जाने वाले मार्ग को लगभग दो वर्ष पूर्व नेशनल हाईवे के अधीन कर दिया गया था। इसके बाद से लोक निर्माण विभाग ने इस मार्ग का रखरखाव छोड़ दिया। उधर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने भी इधर से मुंह मोड़े रखा। नतीजा यह हुआ कि सड़क अंबेडकरनगर जनपद सीमा में अकबरपुर जिला जेल के आगे से लेकर खजुरी बाजार के निकट तक पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो गई। लगभग 10 किलोमीटर सड़क का अस्तित्व ही यहां खतरे में पड़ गया। सड़क इस तरह क्षतिग्रस्त हो गई है कि बरसात के दिनों की बात तो दूर सामान्य समय में भी चार पहिया व दो पहिया वाहन चालक इधर से होकर सुरक्षित नहीं गुजर सकते।
एक-दो बार नेशनल हाईवे प्रशासन ने मरम्मत की रस्म अदायगी निभाई भी, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अमर उजाला ने इस मार्ग की बदहाली को कई चक्र में प्रमुखता से प्रकाशित किया। डीएम सैमुअल पॉल एन ने अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए विधिवत नेशनल हाईवे प्रशासन को पत्र लिखा और जरूरी प्रक्रिया अपनाने को कहा। इसके बाद भी हालत जस के तस रहने पर सांसद रितेश पांडेय ने नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा और सदन में भी आवाज उठाई। इसके बाद भी सड़क की स्थिति बदहाल ही रही। नतीजा यह हुआ कि सांसद ने मालीपुर से लेकर खजुरी व जाफरगंज होते हुए जिला मुख्यालय तक बाइक रैली निकालकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर सांसद के नेतृत्व में नागरिकों ने ज्ञापन भी सौंपा।
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इस बीच बुधवार को सांसद रितेश ने एक बार फिर से दिल्ली में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। उन्हें सड़क की बदहाली को लेकर फिर से ज्ञापन सौंपा और अविलंब सड़क की मरम्मत सुनिश्चित कराने पर जोर दिया। सांसद ने मंत्री से कहा कि सड़क के खराब होने से स्थानीय लोगों को सर्वाधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार पर असर पड़ रहा है तो वहीं नौकरी पेशा लोगों को प्रतिदिन आवागमन में कठिनाई हो रही है। मरीजों के लिए स्थिति और भी चिंताजनक है। सांसद ने बताया कि सड़क की स्थिति को मंत्री ने अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल उत्तर क्षेत्र के विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एके पांडेय से वार्ता की। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संबंधित मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए जरूरी प्रक्रिया अपनायी जा रही है। एक माह के भीतर अकबरपुर मालीपुर रोड के निर्माण का टेंडर कर दिया जाएगा।
निर्माण से मिलेगी बड़ी राहत
अकबरपुर-मालीपुर मार्ग के निर्माण से प्रतिदिन लगभग 20 हजार से अधिक नागरिकों व यात्रियों को लाभ मिलेगा। फिलहाल यह सड़क इतनी ज्यादा खराब है कि अधिकांश लोगों को दूर दराज के वैकल्पिक मार्गों से होकर जाना पड़ रहा है। अकबरपुर से मालीपुर तक जाने के लिए अब ज्यादातर लोग अकबरपुर से जलालपुर होकर मालीपुर जाने को विवश हो रहे हैं। इसमें उन्हें लगभग 15 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। साधन संपन्न लोग तो ऐसा कर ले जा रहे, लेकिन तमाम स्थानीय लोगों को इसी जर्जर मार्ग से आवागमन करने की विवशता बनी हुई है। क्षेत्र के दर्जनों स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों, संबंधित क्षेत्र में स्थापित बैंक के कर्मचारियों, विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों तथा अधिवक्ताओं समेत प्रतिदिन आवागमन करने वाले अन्य नागरिकों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न कार्यों से जिला मुख्यालय आने वाले फरियादियों व अन्य नागरिकों के लिए भी आवागमन किसी चुनौती से कम नहीं है। अब एक माह बाद टेंडर होने तथा उसके बाद निर्माण शुरू हो जाने की उम्मीद बलवती हुई है। इससे निश्चित रूप से पिछले दो वर्ष से संकट का सामना कर रहे नागरिकों व यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
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