अंबेडकरनगर। अकबरपुर बस स्टेशन के निकट मनमाने तरीके से संचालित निजी बसों की पहचान करने पहुंची रोडवेज की टीम को शनिवार सुबह को बस संचालकों ने घेर लिया। आरोप है कि उन्होंने रोडवेज कर्मियों से अभद्रता की और धमकाया। इस घटना के बाद एआरएम ने अभियान के दौरान पुलिस कर्मी उपलब्धता कराने के लिए सीओ सदर को पत्र लिखा है।
एआरएम कार्यालय के सहायक यातायात निरीक्षक रजनीकांत मिश्र, विनय प्रजापति व अन्य कर्मचारियों के साथ शनिवार सुबह बस अड्डे के पास खड़ी होने वाली निजी बसों की पहचान करने के लिए फोटो खींचने के साथ वीडियो बना रहे थे। यह देख निजी बस के संचालक व उनके साथियों ने रोडवेज कर्मियों को घेर लिया।
कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते तब तक बस चालक उनके साथ अभद्रता करने लगे। आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों के मोबाइल फोन तोड़ने की धमकी दी। इस विरोध के चलते कर्मचारियों को लौटना पड़ा। मालूम हो कि परिवहन निगम मुख्यालय से सभी एआरएम को बस स्टेशन से एक किलोमीटर की परिधि में निजी बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसी बसों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनका नंबर नोट करने के साथ उनकी फोटो खींचने और वीडियो बनाने के लिए कहा गया है। इसी निर्देश पर शनिवार को टीम बस स्टेशन के पास जांच कर रही थी। इस घटना के बाद एआरएम ने सीओ सदर को पत्र भेजकर अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
इनसेट
30 निजी बसों का होता है संचालन
रोडवेज के एआरएम सीबी राम ने बताया कि बस अड्डे के आसपास से करीब 30 से अधिक बसों का संचालन अवैध ढंग से किया जा रहा है। ऐसी बसों का वीडियो बनाने व फोटो खींचने के लिए सीओ सदर को पत्र लिखकर पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की गई है।