अंबेडकरनगर। सीजेएम प्रियंका सिंह ने पिटाई कर उत्पीड़न करने के आरोप में महरुआ थाने के तत्कालीन प्रभारी व चार सिपाहियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया कि केस दर्ज कर एक सप्ताह में अनुपालन आख्या दी जाए।
महरुआ निवासी रफीक अहमद हाशमी ने कोर्ट को बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में मुंबई में रहता है। गांव के अपने घर को नए सिरे से बनाने का ठेका मंगरू नामक व्यक्ति को दिया था। रकम देने के बाद भी उसने काम अधूरा छोड़ दिया।
बाद में मंगरू अपने तीन साथियों के साथ 16 अगस्त को उनके घर पर आया और 63,000 रुपये बकाया होने की बात कहकर उसे देने की जिद करने लगा। बाद में उसने फोन कर एसओ राजीव श्रीवास्तव, सिपाही अरविंद कुमार, अवधेश तथा दो अन्य अज्ञात सिपाहियों को बुला लिया।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि थाना प्रभारी व पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई करते हुए जेब में रखे पांच हजार रुपये ले लिए। मंगरू को 63 हजार रुपये देने का दबाव बनाते हुए थाने के लॉकअप में ले जाकर बंद कर दिया।
सीजेएम ने पत्रावली का अवलोकन कर पाया कि सरकारी कर्मचारी के खिलाफ आरोप लगे हैं। यह ऐसा कृत्य है जो सरकारी दायित्वों के निर्वहन में किए गए कार्य की श्रेणी में नहीं आता है। सीजेएम प्रियंका सिंह ने इस पर एसओ महरुआ को आदेशित किया कि केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि राजीव श्रीवास्तव का बीते दिनों ही महरुआ से स्थानांतरण हो गया है। वे इन दिनों क्राइम ब्रांच में तैनात हैं। उधर एसओ महरुआ गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि फिलहाल अभी कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। आदेश मिलने पर उसके अनुरूप निर्णय लिया जाएगा।