अकबरपुर के सर्किट हाउस में भाजपा नेताओं के साथ बैठक करते प्रभारी मंत्री।
अंबेडकरनगर। जिले के दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री गिरीशचंद यादव को सोमवार को भाजपा नेताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पावर कारपाेरेशन और पुलिस विभाग की मनमानी को लेकर भाजपा नेताओं का गुस्सा प्रभारी मंत्री के सामने फूट पड़ा। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में नेताओं की प्रभारी मंत्री से तीखी झड़प भी हुई। इससे हंगामे के हालात बन गए।
भाजपा नेताओं का कहना था कि कार्यकर्ताओं व आम लोगों के साथ हो रहे उत्पीड़न की सुनवाई ही नहीं होगी तो पार्टी के कार्यक्रमों को कैसे प्रभावी बनाया जा सकेगा। सोमवार को बंद कमरे में मंत्री के साथ कोर ग्रुप व महत्वपूर्ण नेताओं की अलग-अलग बैठकें थीं। बैठक में पार्टी नेताओं ने पावर कॉरपोरेशन व पुलिस विभाग के रवैये को लेकर शिकायतों की झड़ी लगा दी।
नेताओं का कहना था कि पुलिस पूरी तरह मनमानी कर रही है। अधिकारियों का नियंत्रण नहीं है। यही हाल पावर कॉरपोरेशन का है। एक तरफ बिजली उपकरण लगातार फुंकने से रोज आपूर्ति बाधित हो रही और दूसरी तरफ चेकिंग के नाम पर लोगों को शोषण किया जा रहा है। एक-एक व्यक्ति से 10 से 50 हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। जलालपुर में एक व्यक्ति की भूमि पर पुलिस विभाग की ओर से जबर निर्माण कराए जाने के मामले की सुनवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठा।
इस बीच प्रभारी मंत्री की एक पूर्व विधायक से झड़प हो गई। वे भी पुलिस की मनमानी को लेकर नाराज थे। पुलिस की शिकायत करने पर प्रभारी मंत्री की एक पूर्व मंत्री से भी तीखी झड़प हुई। सभाकक्ष में काफी देर तक हंगामा हुआ। इस पर वरिष्ठ नेताओं को हस्तक्षेप कर करना पड़ा। इसके बाद कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया गया जो बैठक के लिए अधिकृत नहीं थे।
बूथ अध्यक्ष से दरोगा ने ले लिए 15 हजार रुपये
प्रभारी मंत्री के सामने कई नेता खुलकर बोले। कहा कि कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। प्रभारी मंत्री ने संगठन के माध्यम से मामला हल कराने पर जोर दिया तो कई नेता व कार्यकर्ता बिफर उठे। बोले कि क्षेत्र में हम लोग फिर किसलिए काम कर रहे हैं। एक पार्टी नेता ने दारोगा द्वारा बूथ अध्यक्ष से 15 हजार रुपये ले लेने का मुद्दा उठाया तो एक अन्य नेता ने कहा कि बिजली विभाग की वसूली की किसी एजेंसी से जांच कराई जाए।