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लोकसभा सीट कब्जाने की व्यूहरचना में जुटी भाजपा

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अंबेडकरनगर। भाजपा की निगाह इस बार लोकसभा सीट पर कब्जा करने की है। इसके लिए पार्टी ने व्यूहरचना पर अमल तेज कर दिया है। मंत्री लगातार जिले में पहुंच रहे हैं तो सीएम और डिप्टी सीएम के दौरे भी बढ़े हैं। अब केंद्रीय कृषि मंत्री जिले में दो दिन के प्रवास पर हैं। संगठन की मजबूती से लेकर अलग-अलग अभियानों के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा के नजदीक लाने की कोशिश पार्टी और सरकार के स्तर पर की जा रही है।
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लोकसभा चुनाव में भले ही अभी लंबा वक्त है और चुनाव को लेकर अन्य पार्टियों की तैयारियां सुस्त हैं, लेकिन सत्तारूढ़ दल ने न सिर्फ अंबेडकरनगर सीट पर कब्जे का खाका खींच लिया है वरन तैयारियों को भी परवान चढ़ाया जा रहा है। कांग्रेस, बसपा और सपा आदि दलों के आधिपत्य के लिए अंबेडकरनगर की अब तक ख्याति रही है।
लोकसभा सीट पर जीत के लिए भाजपा को यहां प्राय: निराशा ही हाथ लगती आई है। तमाम तरह के दांव आजमाने के बावजूद ज्यादातर मौकों पर हार ही मिली। बीते लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से बसपा के रितेश पांडेय जीते थे। इसके बाद जब विधानसभा का चुनाव हुआ तो सभी पांच सीटों पर सपा प्रत्याशियों की जीत हो गई।
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भाजपा ने विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त को चुनौती के तौर पर लिया। उसी के बाद से आगामी लोकसभा चुनाव में हर हाल में लोकसभा सीट पर जीत तय करने की व्यूहरचना बना ली गई। नतीजा यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ जिले का दौरा कर चुके हैं तो वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों के कई दौरे अलग-अलग क्षेत्रों में हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर के तो दो-दो बार दौरे हो गए हैं।
भाजपा को सिर्फ एक बार मिली सफलता
भाजपा को संसदीय सीट पर एक बार ही सफलता मिल पाई है। पहले लोकसभा की सीट अकबरपुर सुरक्षित के नाम से थी। तब इस सीट पर जनता दल, कांग्रेस, बसपा व सपा के ही प्रतिनिधि सांसद चुने जाते रहे। परिसीमन के बाद वर्ष 2009 में यह सीट सामान्य घोषित हो गई। अंबेडकरनगर के नाम से बनी सीट के पहले सांसद बसपा के राकेश पांडेय हुए। वर्ष 2014 की लहर में भाजपा से हरिओम पांडेय सांसद चुने गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने राकेश पांडेय के पुत्र रितेश पांडेय को प्रत्याशी बनाया। उनका मुकाबला करने प्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा पहुंचे। हालांकि उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा।
संगठन से लेकर कार्यक्रमों तक पर जोर
भाजपा न सिर्फ लगातार संगठन की मजबूती पर जोर दे रही है वरन मंत्रियों से लेकर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक के दौरे लगातार हो रहे हैं। इसके अलावा अलग-अलग सांस्कृतिक, सामाजिक संगठनों की ओर से भी ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक पैठ बनाने की कोशिश की जा रही है। विभिन्न विभागों की तरफ से तमाम कार्यक्रम लगातार जिले में चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारी लोगों को सरकार की ओर से किए जाने वाली कार्यों की जानकारी दे रहे हैं।
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