अंबेडकरनगर। जन्माष्टमी पर्व पर इस बार 43 गोशालाओं में भव्य सजावट होगी। यहां तकरीबन पांच हजार गोवंश की विशेष पूजा-अर्चना होगी। पर्व से एक दिन पहले छात्र-छात्राओं को गोशाला ले जाकर दैनिक जीवन में मवेशियों का महत्व बताया जाएगा। शासन ने पहली बार जन्माष्टमी पर गोशालाएं सजाने, साफ-सफाई के साथ ही पेयजल, प्रकाश समेत कई अन्य प्रकार की व्यवस्थाएं पर्व से पहले करने का निर्देश दिया है। जिले में कुल 43 गोशालाएं हैं। इसमें चार स्थायी, 33 अस्थायी व छह नगर पालिका में स्थित हैं। इनमें लगभग पांच हजार गोवंशीय पशु हैं।
जिला प्रशासन ने सभी को निर्देशित किया कि पर्व के दिन सभी गोशालाओं को न सिर्फ आकर्षक ढंग से सजाया जाएं बल्कि गोवंश की विशेष पूजा- अर्चना भी की जाएं। उन्हें चारे के साथ गुड़, केला व चना समेत अन्य खाद्य सामग्री खिलाई जाएं। पर्व से एक दिन पहले छात्र-छात्राओं का भ्रमण निकटवर्ती गौशाला में करवा कर उनके द्वारा भी गोवंश की पूजा-अर्चना करवाई जाए। उन्हें गोवंश से होने वाले लाभ के बारे में भी समझाया जाएगा। उधर, जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि गोशालाओं के जिम्मेदारों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।