अंबेडकरनगर। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा श्रुति सिंह का दौरा राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत दे गया। यहां कम उपस्थिति के चलते कई विद्यार्थी परीक्षा देने से वंचित कर दिए गए थे। इस बीच बुधवार को पहुंचीं महानिदेशक ने प्राचार्य को निर्देश दिया कि अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर सभी संबंधित छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पूरी की जाए।
राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में चल रहे बवाल के बीच बुधवार को पहुंचीं महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा श्रुति सिंह ने तीन घंटे से भी अधिक समय तक हालात को परखा। दोपहर में मेडिकल कॉलेज पहुंचीं आईएएस अधिकारी ने विशेष सचिव अनिल कुमार तथा अपर महानिदेशक डॉ. एनसी प्रजापति के साथ प्रशासनिक भवन में पहले प्राचार्य व अन्य स्टाफ से फीडबैक लिया।
इसके बाद अलग-अलग शिक्षकों व फैकल्टी से मिलकर जानकारी ली। वहां से निकलकर वे एकेडमिक कक्ष तक गईं जहां छात्र-छात्राओं से अलग से मुलाकात की। आंदोलित छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की शिकायत करने के चलते बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई।
महानिदेशक ने इसके बाद प्राचार्य को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि इसे व्यक्तिगत तौर पर लेने के बजाय संस्थान के तौर पर लिया जाए। सामूहिक हित की भावना से काम करने की जरूरत होती है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं के हित को प्राथमिकता पर रखने की हिदायत देते हुए कहा कि जिन छात्र-छात्राओं को उपस्थिति कम होने के कारण परीक्षा देने से वंचित किया गया है, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं चलाई जाएं।
महानिदेशक के इस निर्देश से छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि कॉलेज में जो मनमानी चल रही थी, वह अब दूर हो सकेगी।
महानिदेशक के सामने बाहरी व्यक्ति आरडी यादव की दखल का भी मुद्दा जोरशोर से उठा। प्राचार्य व आरडी की नजदीकी का जिक्र उनके सामने किया गया। कहा गया कि जब इस मुद्देे ने तूल पकड़ लिया तो फर्ज अदायगी के लिए प्राचार्य ने बीते दिनों पत्र जारी कर आरडी यादव के परिसर में रोक लगाने का निर्देश दिया।
डीजी से कहा गया कि प्राचार्य द्वारा बढ़ावा दिए जाने के चलते ही आरडी यादव शिक्षकों से लेकर छात्र-छात्राओं तक के शोषण में लिप्त था। वह सभी को अनावश्यक परेशान करता रहता था। महानिदेशक ने इस पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह व्यक्ति यदि परिसर में दिखाई पड़े या कोई भी अनुचित हरकत दिखे तो तत्काल केस दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।